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समलैंगिक विवाह का मामला गरमाया | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीका की सुप्रीम कोर्ट ने समलैंगिक विवाह को चुनौती देने वाले एक मामले पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया है. मैसाचुसेट्स की एक अदालत ने कुछ दिन पहले समलैंगिक विवाह को वैधता प्रदान की थी जिसे रुढ़िवादी गुटों ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है. रुढ़िवादी गुटों ने न्यायाधीशों से मांग की थी कि मैसाचुसेट्स अदालत के फ़ैसले को पलट दे. अमरीका में समलैंगिक विवाह एक बड़ा मुद्दा बन गया है और कहा जा रहा है कि बुश के दोबारा जीतने में इस मुद्दे की बड़ी भूमिका रही है. बुश ने चुनाव के दौरान वादा किया था कि अगर वह दोबारा जीते तो संविधान में संशोधन के ज़रिए समलैंगिक विवाह पर रोक लगाई जाएगी. समर्थन लेकिन ऐसा लगता है कि कांग्रेस में इस मुद्दे पर बुश को पर्याप्त समर्थन नहीं मिल रहा है.
वाशिंगटन में बीबीसी संवाददाता इयन पैनल का कहना है कि अब यह मुद्दा हर राज्य के समक्ष रहेगा और संभवत एक बार फिर यह सुप्रीम कोर्ट के समक्ष आ जाए. देश के 11 राज्यों ने समलैंगिक विवाहों पर प्रतिबंध के लिए संविधान में संशोधन को मंज़ूरी दी है. सुप्रीम कोर्ट के न्यायधीशों ने इस बारे में कुछ भी नहीं कहा कि उन्होंने इस मामले पर सुनवाई करने से इनकार क्यों किया है लेकिन कोर्ट के इस फ़ैसले से फ़िलहाल रुढ़िवादियों को एक झटका ज़रुर लगा है. दूसरी तरफ समलैगिक विवाहों का समर्थन करने वाले गुटों का कहना है कि समलैंगिक विवाह का विरोध करने वालों ने सुप्रीम कोर्ट में कमज़ोर अपील की थी और उनकी दलीलों में दम नहीं है. अमरीका में केवल मैसाचुसेट्स ऐसा राज्य है जिसमें समलैंगिक विवाहों को वैध ठहराया गया है. इसी कारण हज़ारों की संख्या में समलैंगिक लोग इस राज्य में आकर बसने लगे हैं. |
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