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बुश ने समलैंगिक विवाह का विरोध किया | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश ने समलैंगिक विवाह पर रोक लगाने वाले संवैधानिक संशोधन को समर्थन देने की बात की है. बुश के अनुसार हमेशा से उनका दृढ़ विश्वास रहा है कि शादी स्त्री और पुरुष के बीच एक पवित्र बंधन है, और इस परंपरा की संवैधानिक उपायों से रक्षा की जानी चाहिए. उन्होंने कहा कि मासेच्युसेट्स और सैनफ़्रांसिस्को में तीन हज़ार से ज़्यादा समलैंगिक जोड़ों को विवाह की अनुमति मिलने से आम जनता में अनिश्चितता का भाव बढ़ गया है. अमरीकी राष्ट्रपति ने कहा कि 'एक्टिविस्ट' जजों ने शादी को परिभाषित करने का आक्रामक प्रयास किया है, लेकिन उन्हें मानवता की सबसे बुनियादी संस्था को बदलने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए. उल्लेखनीय है कि सैनफ़्रांसिस्को के मेयर ने समलैंगिक जोड़ों को शादी का लाइसेंस देने का फ़ैसला किया है, जबकि मासेच्युसेट्स के सुप्रीम कोर्ट ने समलैंगिक विवाहों पर प्रतिबंध को असंवैधानिक करार दिया है. कैलीफ़ोर्निया के एटॉर्नी जनरल शुक्रवार को सैनफ़्रैंसिस्को के मेयर के फ़ैसले की वैधानिकता का मामला सुप्रीम कोर्ट में उठाने वाले हैं. चुनावी मामला वाशिंग्टन से बीबीसी संवाददाता जस्टिन वेब के अनुसार ताज़ा घोषणा से बुश ने समलैंगिक विवाह पर चल रहे विवाद में ख़ुद को एक खेमे से जोड़ लिया है. और इस कारण समलैंगिक विवाह एक चुनावी मामला भी बन गया है. बुश ने कहा है कि वह वैयक्तिक अधिकारों की हिमायत करते हैं और कोई राज्य समलैंगिक जोड़ों के लिए शादी के अलावा कोई अन्य क़ानूनी व्यवस्था करना चाहे तो उन्हें इस पर कोई आपत्ति नहीं होगी. |
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