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डेनिस तूफ़ान अमरीका पहुँचा | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
कैरीबियाई क्षेत्रों में तबाही मचाने के बाद डेनिस नाम का तूफ़ान दक्षिण-पूर्व अमरीका पहुँच गया है जिससे बिजली आपूर्ति पर असर पड़ा है और मकानों और पेड़ों को नुकसान पहुँचा है. मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस तूफ़ान की गति कुछ धीमी पड़ रही है लेकिन अभी भी ये ख़तरनाक है. उन्होंने चेतावनी दी है कि इस तूफ़ान के कारण 200 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से तेज़ हवा चल सकती है, भारी बारिश हो सकती है और बवंडर उठ सकते हैं. अमरीका के तीन राज्यों- फ़्लोरिडा, मिसिसिपी और अलाबामा को आपदाग्रस्त क्षेत्र घोषित कर दिया गया है. इन क्षेत्रों से एहतियात के तौर पर लगभग 14 लाख लोग अपने घरों से निकल सुरक्षित इलाक़ों में चले गए हैं. प्रभाव डेनिस तूफ़ान रविवार को स्थानीय समयानुसार दोपहर साढ़े तीन बजे के आस-पास फ़्लोरिडा के पेंसाकोला तट पर पहुँचा. ये वही क्षेत्र है जहाँ पिछले वर्ष इवान नाम के एक तूफ़ान ने भारी तबाही मचाई थी. मगर बचावकर्मियों का कहना है कि अभी तक डेनिस तूफ़ान के कारण उस पैमाने की तबाही नहीं हुई है.
अभी तक वहाँ से किसी व्यक्ति के हताहत होने की कोई ख़बर नहीं है. लेकिन लगभग दो लाख घरों से बिजली चली गई है. अधिकारियों ने किसी तरह की आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए नेशनल गार्ड के 2600 जवानों को तैयार रहने के लिए कहा है. मयामी में अमरीकी नेशनल हरिकेन सेंटर का कहना है कि अटलांटिक क्षेत्र में इस मौसम का ये पहला बड़ा तूफ़ान है. पिछले वर्ष इस क्षेत्र में चार्ली, फ़्रांसिस, इवान और जीन नाम के चार बड़े तूफ़ान आए थे. पिछले सप्ताह डेनिस तूफ़ान ने कैरीबियाई देशों में भारी तबाही मचाई. क्यूबा और हेती में कम-से-कम 20 लोग मारे गए हैं जबकि हज़ारों लोग बेघर हो गए हैं. |
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