|
ब्लेयर और बुश की बातचीत | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर मंगलवार को अमरीका के राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश से बातचीत करनेवाले हैं. समझा जा रहा है कि ब्लेयर, अमरीकी राष्ट्रपति के साथ बातचीत में अफ़्रीका को सहायता राशि और धरती के तापमान या ग्लोबल वार्मिंग को नियंत्रित करने के उपायों पर सहमति कायम करने का प्रयास करेंगे. उल्लेखनीय है कि इन दोनों ही मुद्दों पर यूरोप और अमरीका की नीतियों में कई बुनियादी मतभेद हैं. अमरीका सरकार ने अफ़्रीका के संबंध में ब्रिटेन की योजना के कुछ अंशों से ख़ुद को अलग कर लिया है. बीबीसी के वाशिंगटन संवाददाता का कहना है कि अमरीका, अफ़्रीका को सहायता राशि दोगुनी करने की ब्रिटेन की योजना को संदेह की नज़र से देखता है. संवाददाता के अनुसार अमरीका चाहता है कि अफ़्रीकी देशों की ओर से लोकतंत्र को मज़बूत करने और भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए किसी तरह के वायदे के बगैर सहायता राशि दोगुनी नहीं की जानी चाहिए. जी-8 शिखर सम्मेलन ब्रितानी प्रधानमंत्री की ये यात्रा अगले महीने स्कॉटलैंड में दुनिया के आठ सबसे ताक़तवर राष्ट्रों के समूह जी-8 के शिखर सम्मेलन के ठीक पहले हो रही है जिसके लिए ब्लेयर इन देशों की यात्रा करेंगे. लेकिन ब्रितानी प्रधानमंत्री के कार्यालय, 10 डाउनिंग स्ट्रीट का कहना है कि बुश और ब्लेयर की बातचीत का ये अर्थ लगाना ग़लत होगा कि वे जी-8 शिखर सम्मेलन के बारे में कोई फ़ैसला करनेवाले हैं. उनके कार्यालय ने एक बयान में कहा है,"ये यात्रा ग्लेनइगल में होनेवाले शिखर सम्मेलन की तैयारियों पर चर्चा के लिए हो रही है ना कि शिखर सम्मेलन पर चर्चा के लिए". ब्लेयर के कार्यालय का कहना है कि अमरीका इस बैठक के बारे में क्या रूख़ रखता है इसका पता बैठक में ही चलेगा. यूरोपीय वित्त मंत्रियों की बैठक इस बीच बेल्जियम की राजधानी ब्रसेल्स में मंगलवार को यूरोपीय संघ के वित्त मंत्रियों की भी एक बैठक होनेवाली है जिसमें लंदन में शुक्रवार से जी-7 देशों के वित्त मंत्रियों की बैठक के बारे में चर्चा होगी. जी-8 में जी-7 के सदस्य देशों के अलावा रूस भी शामिल है. ब्रिटेन के वित्त मंत्री गोर्डन ब्राउन ने इस सप्ताह होनेवाली बातचीत को बेहद महत्वपूर्ण बताया है. उन्होंने ये भी स्पष्ट किया है कि उनकी सरकार अफ़्रीका के संबंध में अपनी नीति पर अमरीका के समर्थन या उसके बगैर भी आगे क़दम बढ़ाएगी. |
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||