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इब्राहीम जाफ़री की पहली विदेश यात्रा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ के प्रधानमंत्री इब्राहीम अल जाफ़री नई सरकार के गठन के बाद अपनी पहली विदेश यात्रा पर तुर्की पहुँचे हैं. जनवरी में चुनाव होने के बाद इसी महीने सरकार ने शपथ ली थी और उसके बाद प्रधानमंत्री के रूप में इब्राहीम अल जाफ़री का यह पहला विदेश दौरा है. इब्राहीम जाफ़री के साथ पाँच वरिष्ठ मंत्री भी अंकारा गए हैं जहाँ उन्होंने सुरक्षा, व्यापार और प्राकृतिक संसाधनों पर बातचीत की है. बीबीसी के अंकारा संवाददाता जॉनी डॉयमंड का कहना है कि तुर्की ने इराक़ पर विदेशी सेनाओं के हमले के बाद उसके साथ व्यापार संबंध बहाल करने की उम्मीद जताई थी लेकिन इराक़ में जारी अशांति से बातचीत में बाधा पहुँची. इराक़ में हाल के दिनों में हिंसा में 400 से ज़्यादा लोगों की मौत हो गई है. बीबीसी संवाददाता का कहना है कि तुर्की की राजधानी अंकारा में विदेशी नेताओं की यात्राएँ होती रहती हैं लेकिन इराक़ी प्रधानमंत्री की यात्रा को लेकर ख़ास उत्साह देखा जा रहा है. जाफ़री के साथ गए वरिष्ठ मंत्रियों में वित्त, तेल, जल, बिजली और उद्योग मंत्री शामिल हैं जो तुर्की के मंत्रियों के साथ बातचीत करेंगे. 1991 के खाड़ी युद्ध से पहले तक इराक़ तुर्की का प्रमुख व्यापार दोस्त देश था लेकिन बाद के वर्षों में दोनों देशों के बीच व्यापार एक तरह से ठहर ही गया. बीबीसी संवाददाता का कहना है कि इराक़ में विद्रोही गतिविधियों का मुद्दा बातचीत में छाए रहने की संभावना है. जाफ़री ने गुरूवार को सीरिया का आहवान किया था कि वह विदेशी लड़ाकों को अपनी तरफ़ से इराक़ में घुसने पर पाबंदी लगाए. इब्राहीम जाफ़री ने कहा था, "इराक़ की नई सरकार अपने पड़ोसी देशों के साथ अच्छे संबंध क़ायम रखने की कोशिश करेगी लेकिन उसकी कुछ सीमाएँ भी हैं." "सीमाएँ ये हैं कि वे हमारे अंदरूनी मामलों में हस्तक्षेप नहीं करें और लोगों को हमारी सीमा के अंदर नहीं आने दें." |
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