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'इराक़ में विद्रोही गतिविधियों का नया केंद्र' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीका सेना ने कहा है कि साल 2004 में सुन्नी बहुल शहर फ़लूजा में बड़े हमले के बाद से ऐसा लगता है कि इराक़ी विद्रोही गतिविधियों का केंद्र अब देश के पश्चिमी इलाक़ों में पहुँच गया है. अमरीकी सेना फिलहाल देश के पश्चिमी प्रांत अनबार में एक बड़ा अभियान चला रही है. यह इलाक़ा सीरिया की सीमा के नज़दीक है. अमरीकी सेना ने कहा कि इस अभियान में 100 के आसपास चरमपंथी मारे जा चुके हैं. अमरीकी सेना के एक प्रवक्ता ने कहा कि जिन विद्रोहियों से सैनिकों की भिड़ंत हुई है उनके बारे में सूचनाएँ हैं कि वे ज़्यादा बेहतर हथियारों से लैस हैं और वे ज़्यादा संगठित भी हैं. ग़ौरतलब है कि विद्रोहियों ने अनबार प्रांत के गवर्नर राजा नवाफ़ अल महलामी का अपहरण कर लिया है और माँग की है कि अमरीका देश के पश्चिमी हिस्से में सैनिक कार्रवाइयाँ बंद करे. क़ैम और रमादी शहरों के बीच सड़क रोककर विद्रोहियों ने गवर्नर राजा नवाफ़ का अपहरण किया. गवर्नर के परिवार ने कहा है कि अपहर्ताओं ने माँग की कि अमरीकी सैनिक क़ायम इलाक़े से बाहर निकल जाएँ. जबकि अमरीकी सेना का कहना है कि यह इलाक़ा सीरिया से देश में आने वाले लड़ाकों के लिए ठहरने की एक जगह बना हुआ है. लेकिन राजधानी बग़दाद में एक बीबीसी संवाददाता का कहना है कि ऐसे भी आरोप हैं कि अनबार प्रांत के गवर्नर का अपहरण इसलिए किया गया क्योंकि उसके समर्थकों ने अल क़ायदा नेता अबू मुसाब अल ज़रक़ावी के कुछ समर्थकों को पकड़ रखा है. |
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