|
'दस करोड़ डॉलर के ख़र्च का हिसाब नहीं' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीका के वित्तीय जाँचकर्ताओं का कहना है कि इराक़ में अमरीकी नागरिक प्रशासन लगभग दस करोड़ डॉलर के ख़र्चे का हिसाब नहीं दे पाया है. ये पैसा इराक़ के पुनर्निर्माण पर ख़र्च किया जाना था. इराक़ के पुनर्निर्माण के लिए नियुक्त विशेष इंस्पेक्टर जनरल की रिपोर्ट में कहा गया है कि उसे इस मामले में गबन के संकेत भी मिले हैं. इस पैसे में इराक़ से निकाल कर बेचे गए तेल और सद्दाम हुसैन सरकार से ज़ब्त की गई संपत्ति शामिल हैं. एक अलग रिपोर्ट में अमरीकी कर दाताओं के लगभग 18 अरब डॉलर की रक्म को ख़र्च किए जाने की भी आलोचना की गई है जो पुनर्निर्माण के लिए इस्तेमाल की जानी थी. इन पैसों का ख़र्च पहले तो अमरीका के नेतृत्व वाली अंतरिम गठबंधन प्रशासन और फिर अमरीकी दूतावास की ओर से इराक़ में चलाए जाने वाले एक संगठन की ज़िम्मेदारी थी. महत्वपूर्ण है कि इराक़ में अमरीका समर्थित पूर्व अंतरिम प्रशासन पर लाखों डॉलर के खर्चे पर नियंत्रण न रख पाने और फ़िज़ूलख़र्च करने का आरोप लगा था. सद्दाम हुसैन की सरकार को हटाए जाने के बाद इस प्रशासन ने इराक़ में कार्यभार संभाला था. अमरीकी सैनेट की एक समिति की सुनवाई के दौरान इस प्रशासन के एक पूर्व अधिकारी फ़्रैंक्लिन विल्स ने उस समय के प्रशासन और खर्चे पर बयान दिया था जिसके बाद ये आरोप लगे थे. |
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||