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इराक़ में शिया गठबंधन आगे | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ में अधिकारियों का कहना है कि चुनाव के ताज़ा परिणामों के अनुसार शिया दलों के गठबंधन ने मज़बूत बढ़त बनाए रखी है. सद्दाम हुसैन को सत्ता से हटाए जाने के बाद रविवार को इराक़ में पहली बार आम चुनाव कराए गए थे और अब मतों की गिनती हो रही है. अभी तक सिर्फ 35 प्रतिशत मतों की ही गिनती हुई है. शियाओं के धर्मगुरु अयातुल्ला अली सिस्तानी के समर्थन वाली यूनाइटेड अलायंस की सूची को क़रीब 30 लाख में से 20 लाख मत मिले हैं. विदेशों में बसे इराक़ियों ने जो वोट डाले हैं उसमें भी शिया गठबंधन आगे चल रहा है. प्रवासी इराक़ियों के मतदान का आयोजन करने वाली संस्था इंटरनेशनल ऑरगेनाइजेशन फॉर माइग्रेशन के अनुसार यूनाइटेड अलायंस को 36.15 प्रतिशत प्रवासी मत मिले हैं. दूसरे नंबर पर है कुर्द अलायंस की सूची जिन्हें 29 प्रतिशत मत मिले हैं. अंतरिम प्रधानमंत्री अयाद अलावी की पार्टी के उम्मीदवार नौ प्रतिशत मतों के साथ तीसरे नंबर पर चल रहे हैं. शिकायतों की जांच इराक़ के 18 में से 10 प्रांतों में से कुछ परिणाम सामने आ रहे हैं. ये दसों प्रांत शिया बहुल हैं. गुरुवार को पहले परिणाम सामने आए जब क़रीब दस लाख वोटों की गिनती हुई थी. इराक़ी चुनाव आयोग के अनुसार पूरे परिणाम आने में कई दिनों का समय लग सकता है. रविवार को भारी हिंसा की आशंका के बावज़ूद इराक़ में 60 प्रतिशत से अधिक मतदान हुआ था लेकिन कई स्थानों से धांधली की भी ख़बरें आई. अधिकारियों का कहना है कि जहां कहीं से भी धांधली की ख़बरें आई हैं वहां जांच का काम शुरु कर दिया गया है. सुन्नी मुसलमानों ने शिकायत की थी कि ख़ास तौर पर मूसल में उन्हें वोट डालने नहीं दिया गया. |
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