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उज़्बेक नगर पर लोगों ने कब्ज़ा किया | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
उज़्बेकिस्तान के अंदिजान नगर में प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ सरकार की ओर से ताकत के इस्तेमाल के बाद अस्थिरता देश के अन्य हिस्सों में फैल गई है. किर्गिस्तान की सीमा से लगते करासू नगर में गुस्साई भीड़ ने केद्रीय सरकार के प्रतिनिधियों को वहाँ से भगा दिया है. उन्होंने इमारतों को आग लगा दी है और नगर के मेयर की पीट दिया है करासू को किर्गिस्तान के साथ जोड़ने वाले दो पुलों का भी लोगों ने दोबारा निर्माण किया है ताकि वे किर्गिस्तान के साथ व्यापार कर सकें और वहाँ बिना बाधा आ जा सकें. एक बीबीसी संवाददाता ने करासू में पहुँच कर बताया कि स्थानीय लोग अब विचार कर रहे हैं कि शहर को कैसे चलाया जाए. अंदिजान की ख़बर शनिवार को जब अंदिजान में हिंसा की ख़बर करासू पहुँचीं तो उग्र भीड़ ने मेयर के दफ़्तर पहुँच सीमा पर किर्गिस्तान जाने वाले पुल को खोलने की माँग की. जब मेयर ने इनकार किया तो उनकी पिटाई हुई और क्रोधित लोगों ने सेना के मुख्यालय, यातायात पुलिस और टेक्स इंसपेक्टर के दफ़्तरों में आग लगा दी. फिर लोग सीमा पर वो दोनों पुल दोबारा बनाने चल पड़े जिससे शहर का किर्गिस्तान में पड़ने वाला हिस्सा भी उससे जुड़ सके. उज़्बेक सैनिकों ने करासू जाने वाले सभी रास्तों को बंद कर दिया है और शहर फ़िलहाल शांत है. ब्रिटेन ने निंदा की उधर अंदिजान में भी सैनिकों ने रास्ते बंद रखे और शहर में अब शांति है. अदिजान में विरोध प्रदर्शन को क़ाबू में करने के लिए सैनिकों के गोली चलाने की ब्रितानी विदेश मंत्रि जैक स्ट्रॉ ने कड़ी निंदा की है. जैक स्ट्रॉ ने कहा, "वहाँ हालात गंभीर हैं, मानवाधिकारों का उल्लंघन हुआ है, लोकतंत्र की कमी दिखाई दे रही है." उज़्बेक राष्ट्रपति इस्लाम करिमोव का कहना है कि किर्गिस्तान में सक्रिय मुसलिम चरमपंथी ही उज़्बेकिस्तान के पूर्वी भाग में हालात बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं. |
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