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सरकार ने पूर्वी उज़बेक शहर पर नियंत्रण कायम किया | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पूर्वी उज़बेकिस्तान के अंदिजान शहर में हज़ारों प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाने के बाद सुरक्षाकर्मियों ने पूरे शहर पर अपना नियंत्रण कायम कर लिया है. सड़कों पर सैनिकों के बख़तरबंद वाहन गश्त लगा रहे थे जिन्होंने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर कर दिया. एक स्थानीय अस्पताल के कर्मचारियों ने बीबीसी को बताया कि कई लोग मारे गए हैं और अनेक घायल हुए हैं. लेकिन आधिकारिक तौर पर कहा गया है कि नौ लोग मारे गए हैं और 34 घायल हुए हैं. अमरीका का रूख़ अमरीकी विदेश मंत्रालय ने हिंसक घटनाओं के बाद किसी भी पक्ष को दोषी नहीं ठहराया और कहा प्रदर्शनकारियों व सरकार को संयम बरतना चाहिए. उज़बेकिस्तान अमरीका का एक प्रमुख सहयोगी और अमरीका के वहाँ सैनिक अड्डे भी हैं चाहे वह समय-समय पर उज़बेकिस्तान की मानवाधिकारों के हनन के मुद्दे पर आलोचना भी करता रहा है. व्हाइट हाउस के एक प्रवक्ता ने कहा कि उज़बेक लोकतांत्रिक सरकार चाहते हैं लेकिन वह शांतिपूर्ण ढंग से कायम होनी चाहिए. दूसरी ओर रूस ने पूरी तरह उज़बेक राष्ट्रपति इस्लाम कैरिमोव का समर्थन किया है. महिलाओं, बच्चों पर गोली चलाई प्रत्यक्षदर्शियों का कहना था कि प्रदर्शन के दौरान महिलाएँ, पुरुष और बच्चे सरकारी नितियों पर भाषण देने वाले वक्ताओं को सुन रहे थे जब उन पर गोलीबारी हुई. इससे पहले अज्ञात बंदूकधारियों ने अंदिजान शहर में एक जेल पर कब्ज़ा कर लिया था और सैकड़ों क़ैदियों को रिहा कर दिया था. लगभग सौ बंदूकधारियों ने गुरुवार मध्यरात्री को जेल पर धावा बोल दिया और कई सुरक्षाकर्मियों को मार दिया. इसके बाद कई घंटे वहाँ गोलीबारी चलती रही और ग्रेनेड फटने की आवाज़ें आती रहीं. तड़के शहर के मुख्य चौराहे पर मेयर के दफ़्तर के सामने प्रदर्शनकारियों की भीड़ जमा होनी शुरु हो गई. अंदिजान शहर में पिछले हफ़्ते में कई प्रदर्शन हुए थे. वहाँ इस्लामी चरमपंथ के आरोपों में 23 युवकों पर मुकदमा चल रहा है जो अब आखिरी दौर में है. |
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