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अंदिजान में संघर्ष क्यों? | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
उज़बेकिस्तान के पूर्वी शहर अंदिजान के मुख्य चौराहे पर 13 मई को जमा हुई भीड़ में सभी स्थानीय लोग थे. पुरुष और महिलाएँ, बुजुर्ग और बच्चे सभी वहाँ जमा थे. उनका ग़ुस्सा अपनी खस्ताहाली और अन्याय को लेकर था. उल्लेखनीय है कि उज़बेकिस्तान के पूर्वी हिस्से में बेरोज़गारी ज़िंदगी का हिस्सा है. युवाओं का मानना है कि वहाँ उनका कोई भविष्य नहीं है. इस इलाक़े के प्रमुख शहर अंदिजान में इस्लामी संगठनों के ख़िलाफ़ सरकारी कार्रवाइयों ने भी असंतोष को जन्म दिया है. इन कार्रवाइयों में अनेक लोगों को हिरासत में लिया गया. ऐसे में अंदिजान में ऐसे अनेक लोग हैं जिनके भाई, पिता या पति जेल में हैं. अंदिजान में शुक्रवार 13 मई को शामिल प्रदर्शन में कई ऐसे लोग शामिल थे जिन्हें इसी दिन सुबह में शहर के एक जेल पर सशस्त्र हमला कर छुड़ाया गया था.
प्रदर्शनकारियों में वैसे व्यवसायी भी शामिल थे जिनपर एक इस्लामी चरमपंथी गुट से संबंधित होने के आरोप में मामले चल रहे हैं. ऐसे व्यवसायियों के समर्थक पिछले चार महीनों से अंदिजान की एक अदालत के बाहर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करते रहे हैं. अंदिजान उज़बेकिस्तान के महत्वपूर्ण शहरों में से एक है. यहीं फ़ेरग़ाना घाटी का इलाक़ा है जिसकी आबादी ज़्यादा है और यहाँ के लोग अपनी स्वतंत्र परंपरा के लिए जाने जाते हैं. अंदिजान इस घाटी के लोगों की भावनाओं का केंद्र रहा है और इससे प्रभावित भी रहा है. सरकार भी इस घाटी को हमेशा संदेह की दृष्टि से देखती है. |
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