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चमपंथियों को खदेड़ने का अमरीकी दावा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ स्थित अमरीकी सेना का कहना है कि सीरिया की सीमा के निकट एक सप्ताह से चल रही सैनिक कार्रवाई सफलतापूर्वक ख़त्म हो गई है. अमरीकी सेना के मुताबिक़ इस इलाक़े से विदेशी चरमपंथी इराक़ी क्षेत्र में घुस रहे थे. सैनिक अधिकारियों ने दावा किया है कि इस कार्रवाई के दौरान 125 से ज़्यादा चरमपंथी मारे गए हैं. जबकि अमरीकी सेना के नौ जवानों को भी अपनी जान गँवानी पड़ी. कार्रवाई के दौरान 40 सैनिक घायल भी हुए हैं. सीरिया के सीमा के निकट हुई इस कार्रवाई में एक हज़ार से ज़्यादा सैनिकों ने हिस्सा लिया जबकि कई ठिकानों पर हवाई हमले भी किए गए. इस बीच राजधानी बग़दाद में विदेश मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी जासीम अल मुहम्मदवी की उनके घर के बाहर गोली मार कर हत्या कर दी गई. बग़दाद में हुई एक अन्य घटना में आत्मघाती हमलावर ने पुलिस के एक गश्ती दल को अपना निशाना बनाया जिसमें कम से कम चार लोगों की मौत हो गई. किरकुक और मूसल में भी आत्मघाती हमले में क़रीब 10 लोग मारे गए हैं. अप्रैल के आख़िर में इराक़ की नई सरकार के सत्ता संभालने के बाद हिंसा की घटनाएँ बढ़ीं हैं और इस दौरान 400 से ज़्यादा लोग मारे गए हैं. कार्रवाई सीरिया के सीमा के निकट हुई अमरीकी कार्रवाई का नाम था- ऑपरेशन मैटाडोर. अमरीकी कार्रवाई के दौरान सीरिया ने भी एहतियात के तौर पर अपनी सीमा पर ज़्यादा सैनिकों को तैनात कर दिया था.
कार्रवाई शुरू होने के बाद एक सप्ताह बाद अब अमरीकी सैनिक उस इलाक़े से हटने लगे हैं. अधिकारियों का कहना है कि कार्रवाई सफल रही है और चरमपंथियों के ठिकाने को नष्ट कर दिया गया है. एक बयान में अमरीकी सैनिक अधिकारियों ने कहा है कि कार्रवाई के दौरान 125 से ज़्यादा चरमपंथी मारे गए और 39 चरमपंथियों को पकड़ा गया है. अमरीकी सैनिक अधिकारियों के अनुसार वे इस इलाक़े पर निगरानी करना जारी रखेंगे. बग़दाद से बीबीसी संवाददाता जिम म्यूर का कहना है कि इस इलाक़े में हुई सैनिक कार्रवाई के कारण तनाव बना हुआ है. नवंबर में फ़लूजा में हुई अमरीकी कार्रवाई के बाद यह इराक़ में अमरीका की सबसे बड़ी सैनिक कार्रवाई थी. |
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