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'हिंसा के लिए इस्लामी चरमपंथी ज़िम्मेदार' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
उज़्बेकिस्तान के राष्ट्रपति ने शुक्रवार को आंदिजान में फैली अफ़रा-तफ़री और विरोध प्रदर्शनों के लिए "अपराधियों और इस्लामी चरमपंथियों को ज़िम्मेदार ठहराया है." राष्ट्रपति इस्लाम करीमोव ने प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाए जाने की घटना के बाद पहली बार बोलते हुए देश में अस्थिरता के लिए इस्लामी कट्टरपंथी ताक़तों को ज़िम्मेदार ठहराया है. शुक्रवार को पुलिस की गोलियों से मारे जाने वाले लोगों की सही संख्या के बारे में अनुमान ही लगाए जा रहे हैं, मरने वालों की संख्या 300 तक बताई जा रही है, शुक्रवार की गोलीबारी के बावजूद शनिवार को भी बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी शहर के मुख्य चौराहे पर जमा हुए. राष्ट्रपति करीमोव ने सिर्फ़ इतना कहा है कि शुक्रवार की घटना में दस सैनिक मारे गए हैं लेकिन उन्होंने मारे गए प्रदर्शनकारियों की संख्या नहीं बताई. काफ़ी समय से चल रहे शांतिपूर्ण प्रदर्शन अचानक हिंसक हो उठे, इस्लामी चरमपंथ को बढ़ावा देने के आरोप में गिरफ़्तार किए गए 23 व्यापारियों की रिहाई की माँग को लेकर ये प्रदर्शन हो रहे थे. राष्ट्रपति करीमोव ने प्रदर्शनों को "इस्लामी चरमपंथियों की शह पर हुए सशस्र विद्रोह' की संज्ञा दी जिनका 'उद्देश्य सरकार का तख़्तापलट' करना था, राष्ट्रपति का कहना है कि स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है. करीमोव ने कहा, "इन लोगों का मक़सद नफ़रत फैलाना और धर्मनिरपेक्षता के ज़रिए हो रही प्रगति को रोकना है, जिसे हम स्वीकार नहीं कर सकते." गोलीबारी राष्ट्रपति का कहना है कि सरकारी सेना को गोलीबारी करने के आदेश नहीं दिए गए थे, लेकिन प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि उज़्बेक सैनिकों ने निहत्थे प्रदर्शनकारियों पर गोलियाँ चलाईं. पड़ोसी देश किर्गिस्तान के अधिकारियों ने उज़्बेकिस्तान से लगने वाली अपनी सीमा बंद कर दी है, बताया गया है कि बड़ी संख्या में उज़्बेक लोग सीमावर्ती नगर कोरासुव में जमा हैं. बीबीसी संवाददाता का कहना है कि शुक्रवार की घटना के बाद से बड़ी संख्या में लोग किर्गिस्तान गए हैं, बीबीसी संवाददाता इयन मैकविलियम का कहना है कि किर्गिस्तान में उज़्बेकिस्तान की घटना को लेकर सहानुभूति का माहौल है. कुछ महीने पहले किर्गिस्तान में बड़े पैमाने पर हुए विरोध प्रदर्शन के बाद राष्ट्रपति को पद से इस्तीफ़ा देना पड़ा था. |
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