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उत्तर कोरिया की घोषणा की आलोचना | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीका और दक्षिण कोरिया ने उत्तर कोरिया के योंगब्योन परमाणु उपकरण से आठ हज़ार परमाणु इंधन की छड़ें निकालने की घोषणा की निंदा की है. ये घोषणा उत्तर कोरिया के सरकारी रेडियो पर की गई और यदि वास्तव में ऐसा है तो उत्तर कोरिया अपने हथियारों में प्लूटोनियम का इस्तेमाल कर पाएगा. दक्षिण कोरिया ने इस ख़बर पर चिंता ज़ाहिर की है और अमरीका ने इसे ग़लत दिशा में उठाया गया कदम बताया है. जहाँ एक ओर अमरीका के बयान में कहा गया है कि अमरीका से संभावित ख़तरे से बचने के लिए उत्तर कोरिया अपनी परमाणु ताक़त बढ़ा रहा है वहीं विश्लेषकों का मानना है कि इन छड़ों से दो परमाणु बम बनाने के लिए ज़रूरी प्लूटोनियम निकला जा सकता है. अमरीकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रिचर्ड बाऊचर ने बीबीसी को बताया कि ये एक और संकेत है कि उत्तर कोरिया अपना परमाणु हथियार कार्यक्रम ख़त्म करने के बारे में गंभीर नहीं है. अमरीका ने चेतावनी दी है कि उत्तर कोरिया परमाणु बम का परीक्षण भी कर सकता है. अंतरराष्ट्रीय परमाणु उर्जा एजेंसी का मानना है कि उत्तरा कोरिया के पास अब भी इतना प्लूटोनियम है कि वह छह परमाणु बम बना सकता है. अमरीका चाहता है कि उत्तर कोरिया दोबारा अपने परमाणु हथियार कार्यक्रम के बारे में छह देशों की वार्ता में शामिल हो. फ़रवरी में उत्तर कोरिया ने कहा था कि उसने इस वार्ता से अलग होने का अंतिम फ़ैसला कर लिया है. दक्षिण कोरिया की सरकार ने इस घटना पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि उत्तर कोरिया का कदम द्विपक्षी समझौते का उल्लंघन है और इससे वर्तमान स्थिती और बिगड़ सकती है. |
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