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उत्तर कोरिया को बुश का कड़ा संदेश | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीका के राष्ट्रपति जॉर्ज डब्लू बुश ने कहा है कि उत्तर कोरिया को परमाणु हथियार हासिल करने की अपनी किसी भी इच्छा को ख़त्म कर देना चाहिए. अमरीकी राष्ट्रपति ने चिली की राजधानी सेंटियागो में एशिया प्रशांत आर्थिक सहयोग मंच यानी एपेक की सालाना बैठक में उत्तर कोरिया से ये कहा. उन्होंने कहा,"राष्ट्रपति किम जोंग इल के लिए संदेश स्पष्ट हैः अपने परमाणु हथियार कार्यक्रमों को बंद कीजिए". राष्ट्रपति बुश दोबारा राष्ट्रपति चुने जाने के बाद पहली बार किसी बड़े अंतराराष्ट्रीय मंच पर आए. उधर उत्तर कोरिया ने कहा है कि वह अपनी सुरक्षा को मज़बूत करता रहेगा. उत्तर कोरिया की सत्ताधारी वर्कर्स पार्टॉ के आधिकारिक पत्र रोडोंग सिनमुन में प्रकाशित एक लेख में कहा गया है कि उत्तर कोरिया को तब तक अपनी सुरक्षा को मज़बूत करना चाहिए जब तक कि अमरीका परमाणु हथियारों के दम पर उत्तर कोरिया को दबाता है. बातचीत एपेक सम्मेलन में सभी 21 सदस्य देशों के राष्ट्राध्यक्ष जुटे हैं और राष्ट्रपति बुश ने रुस, दक्षिण कोरिया, जापान और चीन के नेताओं के साथ भी चर्चा भी की है. अमरीका का कहना है कि ये सभी देश उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम विवाद को निपटाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर सकते हैं. बीबीसी संवाददाता जेरेमी कुक के अनुसार राष्ट्रपति बुश मानते हैं कि उत्तर कोरिया के ख़िलाफ़ इन सभी देशों को एकजुट होकर दबाव बनाना चाहिए ताकि उत्तर कोरिया परमाणु कार्यक्रम पर फिर चर्चा के लिए तैयार हो सके. ये सभी देश चाहते हैं कि कोरियाई प्रायद्वीप को परमाणु हथियारों से मुक्त रखना चाहिए लेकिन इस बात को लेकर मतभेद क़ायम हैं कि इसका तरीक़ा क्या होगा. बीबीसी संवाददाता के अनुसार उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम के मसले को सुलझाना दोबारा राष्ट्रपति बने बुश की विदेश नीति का अहम हिस्सा बनता दिख रहा है. |
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