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उत्तर कोरिया से फिर अनुरोध | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीका और जापान ने उत्तर कोरिया से अनुरोध किया है कि वह अपने परमाणु हथियार कार्यक्रम के बारे में अंतरराष्ट्रीय वार्ता में जल्द से जल्द और बिना शर्त शामिल हो. अमरीकी रक्षा मंत्री डॉनल्ड रम्सफ़ेल्ड और विदेश मंत्री कौंडोलीज़ा राइस ने जापानी मंत्रियों से बातचीत के बाद ये अनुरोध किया है. उनका कहना था कि इस बारे में पूरा अंतरराष्ट्रीय समुदाय एकजुट है. इससे पहले उत्तर कोरिया ने परमाणु कार्यक्रम के बारे में वार्ता से अलग होने की बात की थी और ये भी कहा था कि वह अब अमरीका के साथ द्विपक्षीय बातचीत के लिये भी तैयार नहीं है. इससे पहले उत्तर कोरिया दो साल से अमरीका के साथ द्विपक्षीय बातचीत की माँग करता आया था. 'परमाणु हथियार' अमरीकी विदेश मंत्रालय से बीबीसी संवाददाता जोनाथन बील का कहना है उत्तर कोरिया की उस घोषणा से कूटनीतिक दबाव बढ गया है कि उसके पास परमाणु हथियार है. अमरीकी विदेश मंत्री कौडोलीज़ा राइस का कहना था कि अमरीका की उत्तर कोरिया के साथ कोई दुश्मनी नहीं है. अमरीका और जापान को उम्मीद है कि चीन उत्तर कोरिया को वार्ता में शामिल होने की बात पर मना पाएगा. माना जा रहा है कि चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के एक उच्च अधिकारी उत्तर कोरिया के नेता किम जॉंग इल से मिलने जा रहे हैं. |
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