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पुतिन से होगी राइस की मुलाक़ात | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
रुस के दौरे पर मास्को पहुंची अमरीकी विदेश मंत्री कोंडोलिज़ा राइस राष्ट्रपति ब्लादीमिर पुतिन से मुलाक़ात के दौरान रुस में लोकतांत्रिक सुधारों के संबंध में अपनी चिंताएं ज़ाहिर कर सकती हैं. मंगलवार की रात मास्को पहुंची कोंडोलिज़ा की मुलाक़ात पुतिन और कई अन्य वरिष्ठ रुसी नेताओं से होनी है. दोनों नेताओं के बीच व्यापार, परमाणु सुरक्षा, आर्थिक और लोकतांत्रिक सुधारों समेत कई अन्य मुद्दों पर बातचीत होनी है. अगले महीने अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश भी रुस की यात्रा करने वाले हैं. मास्को पहुंचने से पहले ही कोंडोलिज़ा ने रुस में लोकतांत्रिक सुधारों के बारे में अपना कड़ा रवैया दिखाना शुरु कर दिया था. राइस ने कहा कि वो रुस में सत्ता को केन्द्रीकृत किए जाने के राष्ट्रपति पुतिन के रवैये से खुश नहीं हैं. उन्होंने उम्मीद जताई कि पुतिन तीसरी बार चुनाव नहीं लड़ने के अपने वादे पर कायम रहेंगे. राइस ने रुस में सरकारी टेलीविज़न और रेडियो का सामना करने के लिए स्वतंत्र, निष्पक्ष और मज़बूत मीडिया न होने की भी शिकायत की और कहा कि यह चिंता का विषय है. बुधवार की सुबह उन्होंने सबसे पहले रुस के एक स्वतंत्र रेडियो स्टेशन को साक्षात्कार के लिए समय दिया है. हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि पुतिन से मुलाक़ात के दौरान राइस का रवैया कितना कड़ा होगा. राइस ने साफ किया है कि वो पुतिन को लेक्चर पिलाने के उद्देश्य से नहीं आई हैं बल्कि अमरीका की सभी चिंताएं रुस का एक दोस्त होने के नाते हैं. राइस के अनुसार अमरीका आतंकवाद के ख़िलाफ़ लड़ाई और परमाणु हथियारों का प्रसार रोकने के क्षेत्र में रुस को महत्वपूर्ण सहयोगी मानता है. इस साल के अंत में रुस जी आठ समूह का अध्यक्ष बनने वाला है और इसे देखते हुए अमरीका रुस को क़ानून और खुले बाज़ार के अपने वादे याद दिला रहा है. |
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