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राइस चीन पहुँचीं, उत्तर कोरिया पर बात होगी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीकी विदेश मंत्री कोंडोलीज़ा राइस चीन पहुँच गई हैं जहाँ उनकी प्राथमिकता उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम के साथ अन्य मुद्दों पर चर्चा करने की है. बीबीसी संवाददाता के अनुसार अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश का प्रशासन चाहता है कि चीन दोबारा उत्तर कोरिया को छह देशों की वार्ता में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करे. पिछले महीने उत्तर कोरिया अपने परमाणु हथियार कार्यक्रम पर छह देशों के साथ चल रही बातचीत से अलग हो गया था. लेकिन चीन का कहना है कि वह उत्तर कोरिया पर वार्ता में शामिल होने के लिए दबाव नहीं डाल सकता. इसी के साथ राइस ताइवान के मुद्दे पर बात करेंगी. कुछ दिनों पहले चीन ने एक ऐसा क़ानून पारित किया जिसके तहत चीन ऐसी स्थिति में ताइवान के ख़िलाफ़ सैन्य कार्रवाई कर सकता है यदि वह औपचारिक तौर पर अपनी स्वतंत्रता की घोषणा करता है. अमरीका ने इस क़ानून की कड़ी आलोचना की है. एक अन्य मुद्दा है यूरोपीय संघ का चीन को हथियारों की बिक्री का. फ़िलहाल यूरोपीय संघ ने चीन को हथियारों की बिक्री पर प्रतिबंध लगा रखा है. अब यूरोपीय संघ उस प्रतिबंध को हटाने के बारे में सोच रहा है. अमरीकी विदेश मंत्री कोंडोलीज़ा राइस ने इस क़दम से क्षेत्र में तनाव बढ़ने की आशंका जताई है. |
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