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बुधवार, 16 मार्च, 2005 को 00:50 GMT तक के समाचार
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स्थाई सदस्यता पर कोई आश्वासन नहीं
राइस और नटवर सिंह
विदेश मंत्री बनने के बाद भारत के पहले दौरे पर हैं राइस
अमरीकी विदेश मंत्री कोंडोलीज़ा राइस ने ऐसा कोई आश्वासन नहीं दिया है कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की स्थाई सदस्यता के मामले में अमरीका भारत का समर्थन करेगा.

भारत यात्रा पर आईं कोंडोलीज़ा राइस ने बुधवार को भारतीय विदेश मंत्री नटवर सिंह से मुलाक़ात की.

इस मुलाक़ात के बाद उन्होंने कहा कि अमरीका भारत को एफ़-16 सहित सभी सामरिक सहयोग देने पर भारत के साथ भी बातचीत करेगा.

कोंडोलिज़ा राइस ने कहा कि अमरीका दक्षिण एशिया में सामरिक संतुलन बनाए रखना चाहता है.

मुलाक़ात के बाद संयुक्त रूप से संबोधित पत्रकारवार्ता में भारत और अमरीका ने नेपाल को लेकर चिंता जताई और कहा कि वहाँ लोकतंत्र की वापसी की ज़रुरत है.

सुरक्षा परिषद

इस सवाल पर कि क्या अमरीका सुरक्षा परिषद में भारत की स्थाई सदस्यता का समर्थन करेगा, उन्होंने कोई सीधा जबाव नहीं दिया.

लेकिन उन्होंने कोई आश्वासन नहीं दिया है कि अमरीका भारत की सदस्यता का समर्थन करने जा रहा है.

इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि दुनिया में बड़े परिवर्तन हुए हैं और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं को इसके अनुरुप परिवर्तन करने पड़ेंगे.

अमरीकी विदेशमंत्री ने कहा कि अमरीका ने भारत और दूसरे देशों के साथ चर्चा की है और उन्होंने संयुक्त राष्ट्र में होने वाले परिवर्तनों पर बातचीत के लिए एक राजदूत की नियुक्ति भी की है.

संतुलन

अमरीकी विदेश मंत्री कोंडोलीज़ा राइस ने कहा कि अमरीका भारत को एफ़-16 लड़ाकू विमान सहित कई सामरिक सहायता देने के बारे में बात कर रहा है.

मनमोहन सिंह और परवेज़ मुशर्रफ़
अमरीका भारत और पाकिस्तान के बीच बेहतर संबंध चाहता है

उन्होंने कहा कि अमरीका को भारत की सुरक्षा चिंताओं की पूरी जानकारी है और वह इसका ध्यान रखेगा.

उनका कहना था कि अमरीका दक्षिण एशिया में सामरिक संतुलन बनाए रखना चाहता है.

अमरीकी विदेश मंत्री राइस ने कहा कि पाकिस्तान को भी सामरिक सहायता देने के बारे में बात चल रही है लेकिन वे अपनी पाकिस्तान यात्रा के दौरान कोई बड़ी घोषणा करने नहीं वाली हैं.

उल्लेखनीय है कि भारत ने इन ख़बरों पर चिंता जताई थी कि अमरीका पाकिस्तान को एफ़ 16 लड़ाकू विमान देने जा रहा है.

कोंडोलीज़ा राइस का कहना था कि विदेश मंत्री नटवर सिंह से बातचीत में कोई गंभीर मतभेद नहीं उभरे हैं.

नेपाल

दोनों देशों का कहना था कि महाराज ज्ञानेंद्र के सत्ता पर कब्ज़ा इस क्षेत्र के लिए 'धक्का' है.

दोनो नेताओं के बीच सुरक्षा, ऊर्जा और व्यापार से संबंधित मुद्दों पर चर्चा हुई.

विदेश मंत्री नटवर सिंह ने कहा, ''हमने महत्वपूर्ण क्षेत्रीय और अतंरराष्ट्रीय मुद्दों पर बातचीत की. हमारी प्रतिबद्धता लोकतंत्र के प्रति है.''

उनका कहना था कि दोनो पक्ष सहमत थे कि नेपाल की हाल की घटनाओं से इन उद्देश्यों को धक्का लगा है.

कोंडोलीज़ा राइस के आठ दिवसीय दक्षिण और पूर्व एशिया के दौरे का पहला पड़ाव भारत है.

इसके अलावा वे पाकिस्तान, अफ़ग़ानिस्तान, जापान, कोरिया और चीन की भी यात्रा करेंगी.

भारत यात्रा के बाद बुधवार को कोंडोलीज़ा राइस पाकिस्तान रवाना हो जाएंगी.

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