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यहूदी कट्टरपंथियों की रैली पर रोक | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
यरुशलम में बड़ी संख्या में तैनात सुरक्षाकर्मियों ने यहूदी कट्टरपंथियों को टेंपल माउंट या अल अक्सा मस्जिद परिसर में प्रदर्शन करने से रोक दिया है. हज़ारों पुलिसकर्मियों ने वहाँ सुरक्षा प्रदान की. चरमपंथी संगठन हमास के आहवान पर लगभग दस हज़ार मुसलमानों ने अल अक्सा मस्जिद में नमाज़ अदा की. इसराइली अधिकारियों ने पहले ही कहा था कि यहूदी कट्टरपंथियों को टेंपल माउंट या अल अक्सा मस्ज़िद परिसर में प्रदर्शन करने की इजाज़त नहीं दी जाएगी. लेकिन दक्षिणपंथी रेवावा गुट के सदस्य अनुमति न मिलने के बावजूद प्रदर्शन करने पर अड़े हुए थे. उधर फ़लस्तीनी गुटों ने चेतावनी दी थी कि अगर टेंपल माउंट में प्रदर्शन होता है तो वो इसराइल के साथ जारी अनौपचारिक युद्धविराम को रद्द कर देंगे.
उधर इसराइली प्रधानमंत्री अरियल शेरॉन अमरीका के लिए रवाना हुए हैं जहाँ वे राष्ट्रपति जॉर्ज बुश के साथ शांति प्रक्रिया पर चर्चा करेंगे. पर्यवेक्षकों का मानना है कि इस बातचीत में यहूदी बस्तियों पर भी बातचीत होगी. तनाव बढ़ा टेंपल माउंट फ़लस्तीनियों के लिए भी महत्वपूर्ण स्थल है और वो इसे हरम अल शरीफ़ कहते हैं जिस परिसर में अल अक्सा मस्ज़िद है. यरुशलम में स्थित टेंपल माउंट का फ़लस्तीनी संघर्ष और इसराइल की राजनीति से गहरा संबंध रहा है. सितंबर 2000 में विपक्ष के नेता एरियल शेरॉन वहाँ गए थे जिसके बाद फ़लस्तीनी इंतिफ़ादा का नया दौर शुरु हुआ था. शेरॉन के दौरे के बाद इस परिसर की देख-रेख करने वाले मुस्लिम प्राधिकरण वक्फ़ ने इस परिसर में गैर मुस्लिमों के आने पर पाबंदी लगा दी थी लेकिन इसराइल ने इसे पर्यटकों और यहूदियों के लिए बाद में खोल दिया. गज़ा पट्टी से इसराइली सेनाओं के हटने के फ़ैसले के विरोध मे यहूदी कट्टरपंथियों ने रविवार को टेंपल माउंट में प्रदर्शन करने की योजना बनाई थी.
शनिवार को गज़ा पट्टी के पास इसराइली सेना ने तीन फ़लस्तीनी लड़कों को मार दिया था जिसके बाद से दोनों पक्षों के बीच तनाव और अधिक बढ़ गया है. 'भड़काऊ कार्रवाई नहीं' इसराइल के जनसुरक्षा मंत्री गिडियोन एज्रा ने पहले ही कहा था कि पुलिस प्रदर्शनकारियों को इस परिसर में जुटने से रोकेगी. ये डर था कि प्रदर्शनकारियों के वहाँ जुटने से फ़लस्तीनी लोग प्रतिक्रिया में संघर्ष शुरु कर सकते हैं. सुरक्षा इंतज़ाम कड़े करते हुए इसराइल की पुलिस ने परिसर में 40 साल से कम उम्र के मुस्लिमों के आने पर रोक लगा दी थी. फ़लस्तीनी चरमपंथी संगठनों ने घोषणा की थी कि अगर टेंपल माउंट परिसर में यहूदी कट्टरपंथियों की रैली हुई तो इसके ख़िलाफ़ कार्रवाई की जाएगी. हमास के वरिष्ठ नेता निज़ार रैयान ने कहा, "अगर यहूदियों ने अल अक्सा मस्जिद को अपवित्र करेंगे तो ये तीसरे इंतिफ़ादा के बीज बोने जैसा होगा." |
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