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अन्नान की मध्यपूर्व यात्रा, शेरॉन से मिलेंगे | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
संयुक्त राष्ट्र महासचिव कोफ़ी अन्नान मध्य पूर्व शांति वार्ता को आगे बढ़ाने के लिए रविवार को इसराइल के प्रधानमंत्री अरियल शेरॉन से मिल रहे हैं. बाद में वे फ़लस्तीनी नेता से भी मिलेंगे. चार साल बाद मध्य पूर्व की पहली यात्रा पर जा रहे अन्नान ने कहा कि इस समय शांति प्रक्रिया को लेकर सकारात्मक महौल है. येरुशलम स्थित बीबीसी संवाददाता जेम्स रेनॉल्ड्स का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों से इसराइल और संयुक्त राष्ट्र के बीच कई मुद्दों पर मतभेद रहे हैं लेकिन इसके बावजूद इसराइली प्रधानमंत्री अन्नान से मिलने को उत्सुक हैं. बीबीसी संवाददाता का कहना है कि गज़ा पट्टी से यहूदी बस्तियों को हटाने के लिए प्रधानमंत्री शेरॉन अपनी योजना को लागू करने वाले हैं और इसलिए यह समय काफ़ी महत्वपूर्ण है. स्वागत संयुक्त राष्ट्र महासचिव कोफ़ी अन्नान और अन्य नेताओं ने इसराइल के फ़ैसले का स्वागत किया है लेकिन फ़लस्तीनी अभी भी इस फ़ैसले को लेकर पूरी तरह आश्वस्त नहीं.
फ़लस्तीनी नेता महमूद अब्बास सोमवार को अन्नान से मिलने वाले हैं और उम्मीद है कि वे उनके सामने यही मांग सामने रखेंगे कि इसराइल अपनी योजना के समन्वय के लिए मिल कर काम करे. संयुक्त राष्ट्र ने रूस, यूरोपीय संघ और अमरीका के साथ मिलकर मध्य पूर्व शांति योजना तैयार की है जिसे रोडमैप भी कहा जाता है. इस महीने के शुरू में लंदन में फ़लस्तीन पर हुए एक सम्मेलन में भी कोफ़ी अन्नान और कई नेताओं ने विचार-विमर्श किया था. इस समय पश्चिमी तट के शहरों में सुरक्षा व्यवस्था के नियंत्रण के सवाल पर इसराइल और फ़लस्तीन के बीच मतभेद बना हुआ है. संयुक्त राष्ट्र के अधिकारियों का कहना है कि अन्नान के लिए मध्यपूर्व की यात्रा का यह अच्छा मौक़ा है. |
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