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इराक़ में प्रदर्शन, धमाका भी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ के पूर्व राष्ट्रपति सद्दाम हुसैन को सत्ता से हटाए जाने के दो वर्ष पूरे होने के मौक़े पर देश में विदेशी सेनाओं की मौजूदगी के ख़िलाफ़ ज़ोरदार प्रदर्शन हुए हैं. प्रदर्शनों में हज़ारों लोगों ने हिस्सा लिया और अमरीकी सेना की वापसी की माँग की. उधर एक धमाके में कम से कम 15 इराक़ी सैनिकों की मौत हो गई. ग़ौरतलब है कि इराक़ पर मार्च, 2003 में अमरीकी नेतृत्व वाले विदेशी गठबंधन के हमले के बाद नौ अप्रैल को सद्दाम हुसैन का शासन समाप्त हो गया था. प्रदर्शनकारी राजधानी बग़दाद के उसी मुख्य चौराहे पर जमा हुए थे जहाँ दो साल पहले सद्दाम हुसैन की मूर्ति को अमरीकी सैनिकों ने गिराकर प्रतीकात्मक रूप में यह साबित कर दिया था कि उनकी सत्ता का अंत हो गया है. इस प्रदर्शन में शामिल लोगों ने सद्दाम हुसैन, अमरीका और ब्रिटेन के ख़िलाफ़ नारे लगाए. इस प्रदर्शन के मुख्य आयोजकों में कट्टरपंथी शिया नेता मुक़्तदा अल सद्र शामिल थे. मुक़्तदा अल सद्र के एक समर्थक ने कहा, "हम अपने नेता मुक़्तदा अल सद्र के कहने पर यहाँ आए हैं कि सभी इराक़ियों को अमरीकी क़ब्ज़े के ख़िलाफ़ अपना विरोध प्रकट करना चाहिए. इराक़ी पहले सद्दाम हुसैन के हाथों दुख उठा रहे थे और अब अमरीकी क़ब्ज़े की वजह से परेशान हैं." हमला उधर इराक़ में विद्रोहियों ने कम से कम पंद्रह इराक़ी सैनिकों की हत्या कर दी है.
यह घटना बग़दाद के दक्षिण पश्चिम में स्थित शहर लतीफ़िया में हुई है, यह शहर बग़दाद से लगभग पचास किलोमीटर दूर है. इराक़ी अधिकारियों का कहना है कि ये सैनिक एक ट्रक पर सवार थे और बग़दाद की तरफ़ जा रहे थे. आज इराक़ पर अमरीकी नियंत्रण के दो साल पूरे हो गए हैं, आज ही के दिन नौ अप्रैल को बग़दाद के मुख्य चौराहे पर स्थित सद्दाम हुसैन की मूर्ति को अमरीकी सैनिकों ने जंजीरों से खींचकर गिराया था. पूरी दुनिया ने अब से दो साल पहले इस नज़ारे को टीवी पर देखा था जब हज़ारों इराक़ी तालियाँ बजा रहे थे और नारे लगा रहे थे. आज भी उसी चौराहे पर हज़ारों लोग जमा हुए हैं और वे इराक़ पर अमरीकी नियंत्रण का विरोध कर रहे हैं. प्रमुख शिया विद्रोही नेता मुक़्तदा अल सद्र ने लोगों से अपील की है कि वे अमरीकी नियंत्रण का विरोध करने के लिए घरों से बाहर निकलें. कई सुन्नी नेताओं ने भी अपने समर्थकों से कहा है कि वे प्रदर्शनों में हिस्सा लें. इराक़ में सुरक्षा व्यवस्था बहुत कड़ी है, आज के दिन हिंसा की और घटनाओं की आशंका को देखते हुए अमरीकी सैनिक भी बड़े पैमाने पर गश्त लगा रहे हैं और तनाव का माहौल है. |
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