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इराक़ में धमाका, पंद्रह सैनिक मारे गए | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ में विद्रोहियों ने राजधानी बग़दाद के दक्षिणी हिस्से में एक ट्रक पर विस्फोट किया जिसमें कम से कम पंद्रह इराक़ी सैनिक मारे गए. यह घटना बग़दाद के दक्षिण पश्चिम में स्थित शहर लतीफ़िया में हुई है जो बग़दाद से लगभग पचास किलोमीटर दूर है. इराक़ी अधिकारियों का कहना है कि ये सैनिक एक ट्रक पर सवार थे और बग़दाद की तरफ़ जा रहे थे. नौ अप्रैल, 2005 को इराक़ पर अमरीकी नियंत्रण के दो साल पूरे हो गए हैं. 2003 में इसी दिन बग़दाद के मुख्य चौराहे पर स्थित सद्दाम हुसैन की मूर्ति को अमरीकी सैनिकों ने जंजीरों से खींचकर गिराया था. पूरी दुनिया ने अब से दो साल पहले इस नज़ारे को टीवी पर देखा था जब हज़ारों इराक़ी तालियाँ बजा रहे थे और नारे लगा रहे थे. आज भी उसी चौराहे पर हज़ारों लोग जमा हुए हैं और वे इराक़ पर अमरीकी नियंत्रण का विरोध कर रहे हैं. प्रमुख शिया विद्रोही नेता मुक़्तदा अल सद्र ने लोगों से अपील की है कि वे अमरीकी नियंत्रण का विरोध करने के लिए घरों से बाहर निकलें. कई सुन्नी नेताओं ने भी अपने समर्थकों से कहा है कि वे प्रदर्शनों में हिस्सा लें. इराक़ में सुरक्षा व्यवस्था बहुत कड़ी है, हिंसा की और घटनाओं की आशंका को देखते हुए अमरीकी सैनिक भी बड़े पैमाने पर गश्त लगा रहे हैं और तनाव का माहौल है. |
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