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रोम में पोप के लाखों श्रद्धालु उमड़े | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
रोमन कैथोलिक ईसाई धर्मगुरू पोप जॉन पॉल द्वितीय को श्रद्धांजलि देने के लिए दुनिया भर से हज़ारों की संख्या में कैथोलिक मतावलंबी रोम पहुँच रहे हैं. पोप का पार्थिव शरीर वैटिकन में सेंट पीटर्स बासिलिका में आम लोगों के दर्शनार्थ रखा गया है. बताया जा रहा है कि हर घंटे लगभग 18,000 लोग पोप को श्रद्धांजलि देने के लिए बासिलिका पहुँच रहे हैं. वैटिकन का कहना है कि सोमवार और मंगलवार को कुल 10 लाख लोग पोप को श्रद्धांजलि देने आए और उम्मीद है कि बुधवार को 60,000 लोग आएँगे. पोप का अंतिम संस्कार शुक्रवार को होना है और अनुमान है कि इस अवसर पर लगभग 20 लाख श्रद्धालु जुटेंगे. साथ ही विभिन्न देशों के लगभग 200 राष्ट्राध्यक्ष, शासनाध्यक्ष और विदेशी अतिथि भी रहेंगे. तैयारियाँ
रोम में पोप के अंतिम संस्कार के लिए तैयारियाँ की जा रही हैं और स्थानीय अधिकारी लोगों के मोबाईल फ़ोनों पर टेक्स्ट संदेश भेज रहे हैं जिसमें चेतावनी दी जा रही है कि मौसम दिन में तो गर्म है मगर रात को ठंढ रह रही है. रोम में सड़कों-रेलगाड़ियों में श्रद्धालुओं की भीड़ है तथा होटलों में जगह की कमी के कारण श्रद्धालुओं के लिए तंबू लगाए जा रहे हैं. साथ ही सुरक्षा के लिए गुरूवार से रोम के ऊपर उड़ान निषिद्ध क्षेत्र बनाया जा रहा है तथा शहर के बाहर एक सुरक्षा कवच तैयार किया जा रहा है जिसमें मिसाइलों से बचाव की भी व्यवस्था है. उधर पोप के जन्मस्थान पोलैंड से रोम के लिए अतिरिक्त उड़ानों, बसों और रेलगाड़ियों की व्यवस्था की जा रही है. पोलैंड की विमान सेवा पोलिश एयरलाइंस की टिकटें अंतिम संस्कार की तारीख़ की घोषणा होने के कुछ ही घंटे के भीतर बिक गईं. पोलैंड की सरकारी रेल सेवा ने टिकटों के दाम आधे कर दिए हैं. एक महिला ने कहा,"ये अवसर दोबारा नहीं आनेवाला है, मैं वहाँ जा रही हूँ क्योंकि मैं पोप से प्रेम करती हूँ और ये समय उनके साथ बिताना चाहती हूँ". इटली और स्पेन की सीमा पर भी सड़कें भरी हुई हैं क्योंकि स्पेन से श्रद्धालु रोम जाना चाह रहे हैं. नए पोप का चुनाव
नए पोप का चुनाव कार्डिनलों को करना है मगर वैटिकन के एक प्रवक्ता ने कहा कि अभी तक ये तय नहीं हुआ है कि चुनाव में भाग लेनेवाले कार्डिनलों की गुप्तसभा कब होगी. प्रवक्ता ने कहा कि अभी तक पोप के उस इच्छापत्र को नहीं पढ़ा गया है जिसमें शायद उस कार्डिनल का नाम हो सकता है जिसे उन्होंने दो वर्ष पहले पोप के दायित्व के लिए चुना था. वैसे इस बार नए पोप के चुनाव के लिए तय प्रावधानों में कई नई चीज़ें शामिल की गई हैं. जैसे पहली बार इस दफ़ा नए पोप के नाम की घोषणा के समय सफ़ेद धुएँ के दिखने की पुरानी प्रथा के साथ-साथ घंटियाँ भी बजाई जाएँगी. साथ ही पहली बार गुप्तसभा पूरे वैटिकन परिसर में होगी तथा कार्डिनल परिसर के भीतर आ-जा सकेंगे मगर उनको बाहरी दुनिया से कोई संपर्क नहीं करने दिया जाएगा. पहले कार्डिनलों को चुनाव पूरा होने तक सिस्टाइन चैपल के भीतर ही रहना पड़ता था. |
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