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शेरॉन का यहूदी बस्तियों पर संकल्प | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इसराइल के प्रधानमंत्री अरियल शेरॉन ने फ़लस्तीनियों के विरोध के बावजूद येरूशलम के पास यहूदी बस्तियों के विस्तार की अपनी योजना पर अमल करने का संकल्प जताया है. शेरॉन ने कहा है कि येरूशलम और पश्चिमी तट में सबसे बड़ी यहूदी बस्ती - माले एडुमिम के बीच क़रीब साढ़े तीन हज़ार घर बनाए जाएंगे जिससे दोनों इलाक़ों के बीच एक गलियारा बन जाएगा. फ़लस्तीनी इस योजना का प्रबल विरोध कर रहे हैं. उनका कहना है कि इन बस्तियों से पूर्वी येरूशलम दो हिस्सों बँट जाएगा जिससे यह भविष्य में उनके फ़लस्तीनी राष्ट्र की राजधानी नहीं बन सकेगा. अमरीकी विदेश मंत्री कोंडोलीज़ा राइस ने आगाह किया है कि यह योजना 'अमरीकी योजना से मेल नहीं खाती है.' लेकिन इसराइलियों को उम्मीद है कि अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश इस बात की पुष्टि कर देंगे कि यहूदी बस्तियाँ मौजूद रह सकती हैं. शेरॉन अगले सप्ताह बुश से मुलाक़ात करने वाले हैं. अमरीकी विदेश मंत्री कोंडोलीज़ा राइस ने पिछले महीने कहा था कि इस योजना से शांति प्रक्रिया पर नकारात्मक असर पड़ सकता है. उन्होंने यह भी कहा था कि यहूदी बस्तियों के विस्तार की योजना पर 'पूर्ण विराम' लगना चाहिए.
व्हाइट हाउस के प्रवक्ता स्कॉट मैक्कलेलन ने सोमवार को इस रुख़ की पुष्टि भी की. उन्होंने कहा, "हम यहूदी बस्तियों के किसी भी विस्तार की गतिविधि का विरोध करते हैं. यह हमारा रुख़ रहा है और अब भी है." प्रवक्ता ने कहा कि अगले सप्ताह प्रस्तावित बुश और शेरॉन की मुलाक़ात में यह योजना बातचीत का एक मुद्दा रहेगा. इस बातचीत में ग़ज़ा पट्टी से यहूदी बस्तियाँ हटाने की योजना पर भी चर्चा होगी. बीबीसी संवाददाता का कहना है कि अरियल शेरॉन काफ़ी आश्वस्त नज़र आते हैं कि वह यहूदी बस्तियों के विस्तार की अपनी योजना को आगे बढ़ा सकेंगे. समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार अरियल शेरॉन ने कहा, "मुझे ई-1 इलाक़े में निर्माण कार्य में कोई समस्या नहीं नज़र नहीं आती." फ़लस्तीनियों का कहना है कि ग़ज़ा पट्टी में तो थोड़ी सी यहूदी बस्तियाँ हैं जिन्हें हटाने के बदले इसराइल पश्चिमी तट और येरूशलम में ज़्यादा नियंत्रण बना लेगा. अंतरराष्ट्रीय समुदाय ग़ज़ा पट्टी और पश्चिमी तट और पूर्वी येरूशलम में तमाम यहूदी बस्तियों को अंतरराष्ट्रीय क़ानून के तहत ग़ैरक़ानूनी मानता है जबकि इसराइल इस दावे को नकारता है. |
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