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अन्य विकल्पों पर विचार करेंगे: राइस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीकी विदेश मंत्री कोंडोलीज़ा राइस का कहना है कि यदि उत्तर कोरिया अपने परमाणु कार्यक्रम पर छह देशों की वार्ता में शामिल नहीं होता तो अमरीका अन्य विकल्पों पर विचार करेगा. एशियाई देशों की अपनी यात्रा के अंत में कि उत्तर कोरिया के संदर्भ में अन्य विकल्पों में अंतरराष्ट्रीय समुदाय से राय ली जाएगी लेकिन उन्होंने विस्तार से इस बारे में कुछ नहीं कहा. अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश का प्रशासन चाहता है कि चीन दोबारा उत्तर कोरिया को छह देशों की वार्ता में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करे. पिछले महीने उत्तर कोरिया अपने परमाणु हथियार कार्यक्रम पर छह देशों के साथ चल रही बातचीत से अलग हो गया था. उधर चीन का कहना है कि वह उत्तर कोरिया पर वार्ता में शामिल होने के लिए दबाव नहीं डाल सकता. इससे पहले कोंडोलीज़ा राइस चीनी राष्ट्रपति हु जिंताओ से मिलीं और दोनो पक्षों ने उत्तर कोरिया को वापस वार्ता में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित करने के पर अपनी प्रतिबद्धता जताई. दोनो पक्षों का ये भी कहना था कि ताइवान पर उन्हें मतभेद सुलझाने होंगे. कुछ दिन पहले चीन ने एक क़ानून पारित किया था जिसके तहत चीन ताइवान के ख़िलाफ़ सैन्य कार्रवाई कर सकता है यदि ताइवान औपचारिक तौर पर अपनी स्वतंत्रता की घोषणा करता है. विदेश मंत्री राइस का ये भी कहना था कि यूरोपीय संघ के चीन को हथियार बेचने पर लगे प्रतिबंध को हटाने से वहाँ क्षेत्रीय संतुलन बिगड़ सकता है. |
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