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शनिवार, 19 मार्च, 2005 को 21:05 GMT तक के समाचार
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धमाका मामले में स्थिति अस्पष्ट
ट्रेन में विस्फोट
बलूच राष्ट्रवादी गुट ने ट्रेनों में विस्फोट किए थे
दक्षिणी पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में मुसलमानों के एक धार्मिक उत्सव के दौरान हुए बम धमाके में कम से कम 27 लोगों की मौत हो गई है और कई लोग बुरी तरह ज़ख्मी हुए हैं.

हालांकि धमाका जिस दरगाह में हुआ उसके प्रभारी के अनुसार मरने वालों की संख्या 50 के क़रीब है.

धमाका बलूचिस्तान की राजधानी क्वेटा से 300 किलोमीटर दूर फ़तेहपुर में हुआ जहाँ धार्मिक उत्सव के लिए एक दरगाह में हज़ारों लोग मौजूद थे.

इस विस्फ़ोट के लिए फ़िलहाल किसी ने ज़िम्मेदारी नहीं ली है.

संवाददाताओं के अनुसार यह हमला पाकिस्तान के सांप्रदायिक हमलों की कड़ी में मालूम नहीं होता है क्योंकि हताहत होने वालों में शिया और सुन्नी दोनों शामिल हैं.

अभी यह भी स्पष्ट नहीं है कि विस्फोट किसी आत्मघाती हमलावर ने कराया, या फिर किसी टाइम-बम के ज़रिए इसे अंजाम दिया गया.

बलूचिस्तान के पुलिस प्रमुख चौधरी मुहम्मद याक़ूब ने कहा, "हम यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या ये आत्मघाती बम हमले की घटना थी, क्योंकि विस्फोट स्थल के पास टुकड़ों में बंटी एक व्यक्ति लाश पाई गई है."

विस्फ़ोट

इस समय जो रिपोर्ट वहाँ से आई हैं उससे तस्वीर स्पष्ट नहीं हो रही है लेकिन विस्फोट उस समय हुआ जब उत्सव ज़ोरशोर से मनाया जा रहा था.

ख़बरें हैं कि बम खाने के स्टॉल के पास लगाया गया था जहाँ लोग रात का भोजन लेने के लिए एकत्रित हुए थे.

बीबीसी संवाददाता ज़फ़र अब्बास के अनुसार धमाके से कई लोग तो घटनास्थल पर ही मारे गए और कई लोगों की मौत अस्पताल पहुँचने से पहले ही हो गई.

चूँकि स्थानीय अस्पताल इस आपात स्थिति से निपटने की स्थिति में नहीं थे, अधिकारियों ने एक राहत टीम भी वहाँ भेजी है.

असंतोष

फ़तेहपुर जहाँ विस्फोट हुआ है, जातीय हिंसा का ऐसा कोई इतिहास नहीं रहा है.

बलूचिस्तान में हिंसा
पिछले दनों बलूचिस्तान में क़ानून व्यवस्था की स्थिति बिगड़ी है

लेकिन हाल के दिनों में इस इलाक़े में क़ानून व्यवस्था की स्थिति ख़राब हुई है.

इस इलाक़े में अल्पसंख्यक शियाओं पर हमंले की कुछ छिटपुट घटनाएँ ज़रुर हुई हैं लेकिन ज़्यादातर हथियारबंद हमले बलूचिस्तान के बलूच राष्ट्रवादी गुट ने किए हैं.

यह गुट ट्रेन और गैस पाइप लाइनों में विस्फोट करता रहा है. उनकी मांग कि क्षेत्र को ज़्यादा स्वायत्तता दी जाए और यहाँ के लोगों को ज़्यादा रोज़गार मिले.

अधिकारियों ने इस हमले में उनका हाथ होने की संभावना से इंकार नहीं किया है.

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