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युद्धविराम पर फ़लस्तीनियों की बैठक | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
फ़लस्तीनी राजनीति के प्रमुख गुट काहिरा में एक बैठक कर रहे हैं जिसमें चरमपंथियों को इसराइल के साथ पूर्ण युद्धविराम के लिए राज़ी करने की कोशिश की जा रही है. विशेषज्ञों का कहना है कि फ़लस्तीन के प्रमुख चरमपंथी धड़े हमास ने अभी तक इसका विरोध किया है लेकिन वो अनौपचारिक तौर पर हमले रोकने के लिए तैयार हो सकते हैं. काहिरा में करीब हफ्ते भर चलने वाली इस बैठक की अध्यक्षता फ़लस्तीनी नेता महमूद अब्बास कर रहे हैं. इसराइल के प्रधानमंत्री अरियल शेरॉन ने कहा है कि युद्धविराम कोई समाधान नहीं है और सभी चरमपंथी गुटों को हथियार छोड़ने होंगे. मंगलवार की शाम शुरु हुई यह बैठक हमास के साथ लंबी बातचीत का हिस्सा है. हमास फ़लस्तीनी प्रशासन के फ़ैसलों में अपनी अधिक भूमिका चाहता है. इसके अलावा बैठक में गज़ा पट्टी से इसराइली सैनिकों और वहां बसाए गए लोगों के पीछे हटने के बाद उसके प्रबंधन पर विचार किया जा रहा है. हमास की मांगें मिस्र के ही स्राम अल शेख मं एक महीने पहले अब्बास और शेरॉन युद्धविराम के लिए राज़ी हुए थे जो शांति प्रक्रिया की दिशा में पहला कदम था. लेकिन हमास और फ़लस्तीन के अन्य गुटों ने इस युद्धविराम को मानने से इंकार किया है और कहा है कि इसराइल ने पूर्ण युद्धविराम के अपने वादे को नहीं निभाया. हमास की मांग है कि इसराइल 7000 से अधिक फ़लस्तीनी कैदियों को रिहा करे और चरमपंथियों को निशाना बनाने की अपनी नीति त्याग दे. उधर इसराइली प्रधानमंत्री अरियल शेरॉन कहते हैं कि काहिरा की बैठक में जो बात हो रही है वह नाकाफी है. |
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