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'फ़तह' ने नया मंत्रिमंडल मंज़ूर किया | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
फ़लस्तीनी नेता के चुनाव में महमूद अब्बास उर्फ़ अबू माज़ेन के चुने जाने के क़रीब एक महीने बाद फ़तह संगठन ने फ़लस्तीनी प्रशासन के नए मंत्रिमंडल को मंज़ूरी दी है. महमूद अब्बास मंत्रिमंडल की सूची को मंज़ूरी के लिए सोमवार को फ़लस्तीनी विधायी परिषद के सामने रखने वाले हैं. माना जा रहा है कि फ़तह संगठन की मंज़ूरी मिल गई है तो इस मंत्रिमंडल को विधायी परिषद से भी मंज़ूरी मिल जाएगी. मंत्रिमंडल की यह सूची काफ़ी लंबी बहस के बाद तैयार की गई है जिसमें काफ़ी फेरबदल भी किए गए हैं. मंत्रिमंडल को लेकर महमूद अब्बास और प्रधानमंत्री अहमद क़ुरैई के बीच कुछ मतभेद थे. 24 सदस्यों वाले इस मंत्रिमंडल में जो नए चेहरे शामिल किए गए हैं उनमें सबसे प्रमुख हैं नासिर यूसुफ़. उन्हें आंतरिक सुरक्षा का मंत्री बनाया गया है और वह सुरक्षा बलों के भी प्रभारी रहेंगे. दिवंगत फ़लस्तीनी नेता यासिर अराफ़ात ने अपनी मौत से पहले नासिर यूसुफ़ को मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने का विरोध किया था. नासिर यूसुफ़ पूर्व सैनिक जनरल हैं और अराफ़ात को शक था कि वह कुछ ज़्यादा ही आज़ादी बरत सकते हैं. पूर्व सुरक्षा प्रमुख मोहम्मद दहलान को मंत्रिमंडल मामलों का मंत्री बनाया गया है. उन्हें महमूद अब्बास के निकट माना जाता है और वह इसराइल के साथ वार्ता में हिस्सा लेते रहे हैं. संयुक्त राष्ट्र में फ़लस्तीनी प्रतिनिधि नासिर अल क़िदवा को विदेश मंत्री बनाया गया है. वह नबील साद का स्थान लेंगे जिन्हें उप प्रधाननमंत्री बनाया जा रहा है. इस बीच उम्मीद की जा रही है कि इसराइल सोमवार को ही क़रीब 500 फ़लस्तीनी क़ैदियों को रिहा करेगा. यह रिहाई इसी महीने मिस्र में इसराइली प्रधानमंत्री अरियल शेरॉन और महमूद अब्बास के बीच हुए समझौते के तहत होगी. ग़ज़ा पट्टी से यहूदी बस्तियों हटाने और इसराइली सैनिकों का वापसी वाली प्रधानमंत्री अरियल शेरॉन की योजना को इसराइली मंत्रिमंडल ने एक दिन पहले ही मंज़ूरी दी है. |
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