|
संसदीय चुनाव में हिस्सा लेगा हमास | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
फ़लस्तीनी चरमपंथी गुट हमास ने घोषणा की है कि वह जुलाई में होने वाले संसदीय चुनाव में हिस्सा लेगा. हमास के नेता ने पश्चिमी तट में यह घोषणा की. फ़लस्तीनी नेता महमूद अब्बास ने हमास के फ़ैसले का स्वागत किया है. उन्होंने कहा कि हमास के फ़ैसले से राजनीतिक प्रक्रिया में फ़लस्तीनियों की भागीदारी बढ़ेगी. हमास के संसदीय चुनाव में कूदने की घोषणा से फ़लस्तीनी नेता महमूद अब्बास की फ़तह पार्टी को कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ सकता है. इस साल के शुरू में हुए नगरपालिका चुनाव में हमास ने फ़तह पार्टी को शिकस्त दी थी. यह पहली बार था जब किसी स्तर पर हमास ने राजनीतिक प्रक्रिया में हिस्सा लिया था. घोषणा हमास के नेता मोहम्मद ग़ज़ाल ने नबलुस में घोषणा की, "हमास ने इस साल फ़लस्तीनी विधायी परिषद के चुनाव में हिस्सा लेने का फ़ैसला किया है."
गज़ा स्थित बीबीसी संवाददाता एलेन जॉन्स्टन का कहना है कि हमास की घोषणा यह साबित करती है कि संगठन लोकतांत्रिक राजनीति की मुख्यधारा में शामिल होना चाहता था. फ़लस्तीनियों में हमास की गहरी पैठ है और सालों से उसने अपने समर्थकों की संख्या बढ़ाने की कोशिश भी की है. हमास कई सामाजिक कार्यक्रमों जैसे- स्कूल, अस्पताल और धार्मिक संस्थाओं का निर्माण करता तो हैं ही साथ में इस गुट की एक सैनिक इकाई भी है जिस पर कई आत्मघाती हमलों का आरोप लगता रहता है. हमास ने 1996 में हुए पहले फ़लस्तीनी चुनाव में हिस्सा लेने से इनकार कर दिया था और इस साल जनवरी में भी फ़लस्तीनी प्रशासन के चुनाव में महमूद अब्बास को भी चुनौती नहीं दी थी. लेकिन जनवरी में ही गज़ा में हुए नगरपालिका चुनाव में नौ में से सात में हमास को ज़बरदस्त जीत हासिल हुई. |
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||