| इसराइल अड़ा, सीरिया अलग-थलग पड़ा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इसराइल की सरकार ने ये मानने से इनकार कर दिया है कि शुक्रवार को तेल अवीव में हुए बम धमाके में सीरिया का कोई हाथ नहीं है. उस आत्मघाती बम धमाके में चार लोग मारे गए थे और कई घायल हुए थे. इसराइल के विदेश मंत्री सिल्वन शेलोम ने यूरोपीय संघ और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सदस्यों के राजदूतों को बातचीत के लिए बुलाया है. उनका कहना है कि इस बैठक में उस धमाके से सीरिया के संबधित होने का सबूत दिया जाएगा. 'सीरिया अलग-थलग पड़ा' इसराइल के प्रधानमंत्री अरियाल शेरॉन ने कहा है कि फ़लस्तीनी चरमपंथी संगठन इस्लामिक जेहाद के सीरिया में स्थित नेताओं ने बम धमाका करने का आदेश दिया था. बीबीसी संवाददाता जोन लेइन कहते हैं कि सीरिया की सरकार इस मुद्दे पर अकेली पड़ती नज़र आ रही है. पहले ही सीरिया का लेबनान के पूर्व प्रधानमंत्री राफ़ीक़ हारीरी की हत्या में हाथ होने का शक़ है. अब उस पर इसराइल और फ़लस्तीनियों के बीच हाल में हुए संघर्षविराम में रोड़े अटकाने का आरोप लग रहा है. उधर सीरियाई विदेश मंत्री फ़रूक़ अल शरा ने इसराइली आरोपों का खंडन किया है. उनका कहना है, "इसराइल का आरोप बेबुनियाद है और उसने एक भी सबूत पेश नहीं किया है. सीरिया ने दोस्ती का हाथ बढ़ाया था. सीरिया ने फ़लस्तीनियों के शांतिपूर्ण ढंग से अपने अधिकार पाने में उनका समर्थन भी किया." 'इसारइल ख़ुद दोषी?' सीरियाई विदेश मंत्री फ़रूक़ अल शरा ने ये भी कहा, "सीरिया इस संभावना से इनकार नहीं कर सकता कि इसराइल ख़ुद ही इस बम धमाके के लिए ज़िम्मेदार हो." सीरियाई अधिकारियों का कहना है कि दमिष्क में इस्लामिक जेहाद का दफ़्तर बंद किया जा चुका है. लेकिन बीबीसी संवाददाता का कहना है कि सीरिया ने फ़लस्तीनी चरमपंथियों के संदर्भ में स्पष्ट रवैया नहीं अपनाया है. उनके अनुसार सीरिया में उनकी मौजूदगी को बर्दाश्त किया जाता है और हमास और इस्लामिक जेहाद को सीरिया में मौजूद फ़लस्तीनी शर्णार्थियों का समर्थन हासिल है. अब एक वरिष्ठ अमरीकी अधिकारी दमिष्क पहुँच चुके हैं ताकि सीरिया की सरकार पर दबाव डाला जाए कि वह लेबनान से अपने सैनिक वापस बुलाए. |
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