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अन्नान मध्यपूर्व यात्रा पर, शेरोन से मिले | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
संयुक्त राष्ट्र महासचिव कोफ़ी अन्नान ने मध्यपूर्व में चल रहे शांति प्रयासों को लेकर ख़ुशी ज़ाहिर की है. वे चार वर्ष बाद मध्यपूर्व की यात्रा कर रहे हैं. उन्होंने इसराइली प्रधानमंत्री अरियल शेरोन से मुलाक़ात की है और वे फ़लस्तीनी नेता महमूद अब्बास से मिलने वाले हैं. इस मुलाक़ात से पहले ख़बरें मिली थीं कि इसराइली सरकार ने पश्चिमी तट की उन 24 बस्तियों को नष्ट करने का फ़ैसला किया था जिसे सरकार की अनुमति के बिना बनाया गया था. सोमवार को इसराइली और फ़लस्तीनी अधिकारियों की एक बैठक होने वाली है जिसमें पश्चिमी तट के शहरों को सौंपने के बारे में चर्चा होगी. इसराइली प्रधानमंत्री शेरोन और फ़लस्तीनी नेता अब्बास के बीच पिछले महीने मिस्र में हुई चर्चा में इसराइल ने स्वीकार किया था कि वह क़लक़िलिया, तुलकर्म, जेरिको, बेथलहम और रामल्ला का नियंत्रण फ़लस्तीनी प्रशासन को सौंप देंगे. अब्बास की मांगें रविवार को इसराइल पहुंचे कोफ़ी अन्नान ने कहा कि वे शांति प्रयासों को आगे ले जाने के लिए हर संभव सहायता के लिए तैयार हैं. संयुक्त राष्ट्र ने रुस, यूरोपीय यूनियन और अमरीका के साथ मिलकर शांति प्रयासों के लिए 'रोड मैप' तैयार किया है. संयुक्त राष्ट्र और तीनों देशों के नेता इसी माह लंदन सम्मेलन के दौरान मिले थे. इसराइल के इस क़दम को महत्वपूर्ण माना जा रहा है कि वह गज़ा पट्टी से यहूदी बस्तियों को हटाने के लिए सहमत हो गया है. यह काम जुलाई से शुरु हो जाएगा. लेकिन दूसरी ओर फ़लस्तीनी प्रशासन यहूदी बस्तियाँ हटाने के इसराइल के एकतरफ़ा फ़ैसले से ख़ुश नहीं है क्योंकि वह चाहता है कि यह काम दोनों पक्षों को मिलजुल कर करना चाहिए. संभावना है कि जब कोफ़ी अन्नान से मुलाक़ात होगी तब महमूद अब्बास इस मामले पर चर्चा करेंगे. |
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