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ईरान को लेकर चिंतित है अमरीका: चेनी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीका के उपराष्ट्रपति डिक चेनी ने कहा है कि बुश प्रशासन के लिए दुनिया के अशांत क्षेत्रों में ईरान सबसे ऊपर है. उपराष्ट्रपति का पद संभालने के बाद एक अमरीकी रेडियो स्टेशन के साथ इंटरव्यू में डिक चेनी ने कहा कि वे ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर काफ़ी चिंतित हैं. ईरान कहता रहा है कि उसका परमाणु कार्यक्रम ऊर्जा उत्पाद के लिए है जबकि अमरीका का दावा है कि ईरान की असली मंशा परमाणु हथियार बनाने की है. चेनी के अनुसार इसराइल ईरान के विरुद्ध एकतरफ़ा कार्रवाई का फ़ैसला कर सकता है वो भी दुनिया को बिना बताए और कूटनीतिक समस्याओं को दुनिया के लिए छोड़ सकता है. हमला वर्ष 1981 में इसराइली लड़ाकू विमानों ने इराक़ का एक परमाणु रिएक्टर नष्ट कर दिया था जिससे परमाणु हथियारों से जुड़ी सद्दाम हुसैन की आकांक्षाओं को गहरी चोट पहुँची थी. उधर ईरान ने अमरीका को चेतावनी दी है कि उसकी ज़मीन पर हमला करना अमरीका का पागलपन साबित हो सकता है. युगांडा की यात्रा पर पहुँचे ईरान के राष्ट्रपति मोहम्मद ख़ातमी ने कहा, " मुझे नहीं लगता कि अमरीका ईरान पर हमला करने की स्थिति में है. ईरान पर अमरीकी हमले की संभावना हमारे हिसाब से बहुत कम ही है. मुझे उम्मीद है कि वो दिन कभी नहीं आएगा." दो साल पहले जब इराक़ पर अमरीका के नेतृत्व में हमला हुआ था तो उपराष्ट्रपति डिक चेनी इस हमले के समर्थकों और उसके लिए लामबंदी करने वालों की कतार में सबसे आगे थे. जब उनसे ये पूछा गया कि क्या ऐसा करके उन्होंने कोई ग़लती की तो उनका कहना था कि वे इस बात का अनुमान नहीं लगा सके थे कि इस स्थिति से उबरना कितनी धीमी प्रक्रिया साबित होगी. उनके अनुसार ऐसा भी इसलिए हुआ क्योंकि सद्दाम हुसैन को सत्ता से हटाने से पहले तक अमरीका इस बात का अंदाज़ा ही नहीं लगा पाया था कि उन्होंने इराक़ को कितना नुक़सान पहुँचा दिया है. |
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