|
शिया पार्टी कार्यालय के बाहर धमाका | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ की राजधानी बग़दाद में शिया राजनीतिक पार्टी के दफ़्तर के बाहर हुए कार बम धमाके में कम से कम दो लोग मारे गए हैं और कई लोग घायल हैं. सुप्रीम काउंसिल ऑफ़ इस्लामिक रिवोल्युशन के अधिकारियों ने बताया कि हमले का निशाना उनका कार्यालय था. इराक़ में 30 जनवरी को चुनाव होने वाले हैं. लेकिन वहाँ एकाएक हिंसक घटनाएँ बढ़ गई हैं. सोमवार को इराक़ में अलग-अलग घटनाओं में 20 लोग मारे गए थे. साथ ही मूसल से कैथोलिक आर्चबिशप का अपहरण कर लिया गया. इराक़ी चुनाव में सुप्रीम काउंसिल ऑफ़ इस्लामिक रिवोल्युशन ने अपने उम्मीदवार खड़े किए हैं. माना जाता है कि अमरीका की अगुआई वाले गठबंधन से भी इसके अच्छे रिश्ते हैं. 27 दिसंबर को भी इसके दफ़्तर पर बम से हमला हुआ था जिसमें 13 लोग मारे गए थे और 39 घायल हो गए थे. शिया नेताओं का मानना है कि ऐसे हमले इसलिए कराए जा रहे हैं ताकि शिया और सुन्नी समुदायों को एक-दूसरे के प्रति उकसाया जा सके. ज़्यादातर सुन्नी पार्टियाँ चुनाव का बहिष्कार कर रही हैं. इन दलों की मांग थी कि सुरक्षा कारणों से चुनाव देर से कराए जाने चाहिए लेकिन यह मांग नहीं मानी गई. इराक़ी चुनाव में सुरक्षा व्यवस्था की ज़िम्मेदारी इराक़ी सुरक्षा बलों पर है. हालाँकि बड़ी संख्या में अमरीकी सैनिक भी वहाँ पहले से ही मौजूद हैं. |
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||