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'बैबिलोनिया को भीषण नुकसान पहुँचाया' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ब्रिटिश म्यूसियम की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि अमरीका के नेतृत्व वाली गठबंधन फ़ौजों ने इराक़ में प्राचीन बैबिलोनिया शहर के खंडहरों को भीषण नुकसान पहुँचाया है. बैबिलोनिया के खंडहर दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण पुरातात्विक स्थलों में से एक है. लंदन के गार्डियन अख़बार में छपी इस रिपोर्ट के अनुसार सैनिक वाहनों ने वहाँ दो हज़ार साल पुरानी सड़क के साथ बने फ़ुटपाथ को तबाह कर दिया. जब वहाँ एक सैनिक अड्डा बनाया गया तो पुरातात्विक सामग्री को कई बोरियों में भर दिया गया. इस प्राचीन शहर के खंडहर के कई हिस्सों को बजरी और पत्थर से भरकर हेलिकॉप्टर के उड़ने के लिए हेलिपैड और वाहनों के चलने के लिए जगह बनाई गई. इससे भविष्य में होने वाली पुरातात्विक खोज पर सवालिया निशान लग गया है. रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि बैबिलोनिया के एक अत्यंत महत्वपूर्ण समारक इश्तार गेट में दरारें आ गई हैं. अमरीका के नेतृत्व वाली फ़ौजों ने शनिवार को बैबिलोनिया का नियंत्रण इराक़ियों को सौंपना है. लगभग चार हज़ार साल पुराने बैबिलोनिया को प्राचीन सभ्यता का गर्भ कहा जाता है. दुनिया के सात अजूबों में से एक 'हैंगिंग गार्डन' वहीं पर स्थित है. |
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