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कुछ जगह मतदान नहीं होगा: अलावी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ के अंतरिम प्रधानमंत्री ईयाद अलावी ने पहली बार स्वीकार किया है कि हिंसा के कारण देश के कुछ हिस्सों में मतदान नहीं हो पाएगा. इराक़ में 30 जनवरी को चुनाव होने हैं लेकिन बढ़ती हिंसा की घटनाओं के कारण इस पर संकट के बादल मँडराने लगे हैं. अलावी ने कहा, "देश के कुछ हिस्से ऐसे हैं जहाँ मतदान नहीं हो पाएगा. लेकिन ऐसे हिस्से बहुत कम हैं." अंतरिम प्रधानमंत्री ईयाद अलावी का बयान ऐसे वक़्त आया है जब दिन-प्रतिदिन हिंसा की घटनाएँ बढ़ रहीं हैं. मंगलवार को ही इराक़ में अलग-अलग स्थानों पर हुई हिंसा में कम से कम 15 लोगों की मौत हो गई. अलग बजट कम से कम छह इराक़ी पुलिस अधिकारी तिकरित में मारे गए. बग़दाद के दक्षिण में हुए एक हमले में सात इराक़ी मारे गए. जबकि समारा में एक बम धमाके में दो लोग मारे गए. इराक़ की अंतरिम सरकार ने घोषणा की है कि उसने इस साल के बजट में से 2.2 अरब डॉलर सुरक्षा बलों को मज़बूत करने के लिए अलग रखा था. प्रधानमंत्री अलावी ने कहा कि इस राशि का उपयोग सुरक्षाकर्मियों की संख्या बढ़ाने में किया जाएगा जिसके कारण इराक़ी सैनिकों की संख्या एक लाख से बढ़कर डेढ़ लाख हो जाएगी. उन्होंने कहा, "हमें पुलिस और सेना को नए आधुनिक हथियार देने की आवश्यकता है ताकि वे देश की सुरक्षा प्रभावी तरीक़े से कर सकें." दूसरी ओर संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी ने कहा है कि फ़लूजा के 85 हज़ार निवासियों में से 8500 लोग ही वहाँ हुई अमरीकी कार्रवाई के बाद लौट पाए हैं. अमरीकी कार्रवाई के समय यहाँ की आबादी का बड़ा हिस्सा अपना शहर छोड़कर चला गया था. |
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