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प्रार्थना सभाओं के बीच नववर्ष समारोह | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
दुनिया भर के देश साल 2005 के स्वागत में कार्यक्रम तो कर रहे हैं मगर ये कार्यक्रम उतने धूम-धड़ाके से नहीं हुए हैं. ऑस्ट्रेलिया के सिडनी शहर में प्रसिद्ध हार्बर ब्रिज पर आतिशबाज़ी तो हुई मगर उससे पहले एक मिनट का मौन रखा गया. लंदन में ‘बिग बेन’ ने नए साल का स्वागत उसी पुराने अंदाज़ में किया मगर टेम्स नदी के किनारे आतिशबाज़ी के प्रदर्शन से पहले दो मिनट का मौन रखा गया. पेरिस के प्रसिद्ध शॉज़ एलीज़े मार्ग के किनारे लगे पेड़ों पर काले फ़ीते बाँधे गए थे. जबकि न्यूयॉर्क के प्रसिद्ध टाइम्स स्क्वायर पर भी एक मिनट का मौन रखा गया. स्वीडन, नॉर्वे, फ़िनलैंड और जर्मनी में झंडे आधे झुकाए गए थे. इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में राष्ट्रपति सुसिलो युधोयोनो ने राष्ट्र के नाम संदेश देते हुए कहा कि आपदा के इस समय में देश को एकजुट रहने की ज़रूरत है. उधर तुर्की की राजधानी इस्तांबुल के ताकसिम स्क्वायर पर शहर के मेयर ने एक बड़ा कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बनाई थी मगर वो कार्यक्रम रद्द कर दिया गया. मलेशिया और श्रीलंका में किसी भी तरह का कोई कार्यक्रम आयोजित नहीं किया गया है. जबकि थाईलैंड के फ़ुकेत में मोमबत्तियाँ जलाकर लोगों ने इस आपदा का शिकार हुए लोगों को श्रद्धांजलि दी. |
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