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यूक्रेन में सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले पर निगाहें | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
यूक्रेन में चल रहे संकट के हल को लेकर अब सबकी निगाहें एक बार फिर देश के सुप्रीम कोर्ट पर है. सुप्रीम कोर्ट राष्ट्रपति चुनाव में धाँधली की शिकायत की जाँच कर रहा है. लगातार चौथे दिन सुप्रीम कोर्ट इस मामले पर विचार कर रहा है और उम्मीद जताई जा रही है कि गुरुवार या शुक्रवार तक कोई न कोई फ़ैसला आ जाएगा. सुप्रीम कोर्ट में धाँधली की शिकायत दर्ज कराई है विपक्षी नेता विक्टर युशचेन्को ने. वैसे प्रधानमंत्री विक्टर यानूकोविच और विपक्षी नेता विक्टर युशचेन्को एक बार फिर बातचीत के लिए राज़ी हो गए हैं. लेकिन दोनों नेताओं के बीच बातचीत कोर्ट के फ़ैसले के बाद ही होगी. राजधानी किएफ़ स्थित बीबीसी संवाददाता का कहना है कि दोनों पक्षों को उम्मीद है कि शायद नए सिरे से चुनाव हों लेकिन अभी इस मामले पर कई चीज़े तय होनी है. मध्यस्थता युशचेन्को समर्थक विपक्ष सरकारी इमारतों की घेराबंदी ख़त्म करने को राज़ी हो गया है. लेकिन युशचेन्को ने अपने समर्थकों से राजधानी में डटे रहने को कहा है.
बुधवार को राष्ट्रपति चुनाव में विजयी घोषित किए गए प्रधानमंत्री विक्टर यानूकोविच और प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवार विक्टर युशचेन्को ने अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थों की उपस्थिति में बातचीत की. दोनों नेता राष्ट्रपति चुनाव के बारे में सुप्रीम कोर्ट का फ़ैसला आ जाने के बाद आगे बातचीत जारी रखने पर सहमत हुए हैं. यूक्रेन की संसद ने बुधवार को प्रधानमंत्री यानूकोविच के ख़िलाफ़ अविश्वास प्रस्ताव पारित किया. यह काफ़ी कम अंतर से पारित हुआ. इस बीच यानूकोविच ने पद छोड़ने की माँग ठुकराते हुए संसद में अपने ख़िलाफ़ पारित अविश्वास प्रस्ताव को अवैध बताया है. यानूकोविच ने आरोप लगाया है कि सांसदों ने दबाव में आकर अविश्वास प्रस्ताव पारित किया. विपक्षी नेता विक्टर युशचेन्को ने यानूकोविच के ख़िलाफ़ अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा कराने की मांग की थी. |
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