|
यूक्रेन में सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले का इंतज़ार | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
यूक्रेन में राष्ट्रपति चुनाव को लेकर शुरू हुआ राजनीतिक संकट अब भी बना हुआ है. चुनाव में विजयी घोषित किए गए प्रधानमंत्री विक्टर यानूकोविच और प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवार विक्टर युशचेन्को ने अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थों की उपस्थिति में बुधवार को बातचीत की. दोनों नेता राष्ट्रपति चुनाव के बारे में सुप्रीम कोर्ट का फ़ैसला आ जाने के बाद आगे बातचीत जारी रखने पर सहमत हुए हैं. यानूकोविच ने सुप्रीम कोर्ट से दूसरे दौरे के विवादित मतदान को रद्द करने की माँग की है. उन्होंने आरोप लगाया कि दूसरे दौर के मतदान में विपक्ष का गढ़ माने जाने वाले पश्चिमी यूक्रेन में काफ़ी धाँधली हुई थी. यूक्रेन की संसद ने बुधवार को प्रधानमंत्री यानूकोविच के ख़िलाफ़ अविश्वास प्रस्ताव पारित किया. यह काफ़ी कम अंतर से पारित हुआ. इस बीच यानूकोविच ने पद छोड़ने की माँग ठुकराते हुए संसद में अपने ख़िलाफ़ पारित अविश्वास प्रस्ताव को अवैध बताया है. यानूकोविच ने आरोप लगाया है कि सांसदों ने दबाव में आकर अविश्वास प्रस्ताव पारित किया. विपक्षी नेता विक्टर युशचेन्को ने यानूकोविच के ख़िलाफ़ अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा कराने की मांग की थी. घेराबंदी ख़त्म करने पर सहमति युशचेन्को के हज़ारों समर्थकों ने बुधवार को भी संसद का घेराव जारी रखा. हालाँकि विपक्ष सरकारी भवनों की घेराबंदी ख़त्म करने पर सहमत हो गया है. दूसरी ओर देश के निवर्तमान राष्ट्रपति लियोनिद कुचमा ने देश में चल रहे संकट को ख़त्म करने के लिए नए सिरे से राष्ट्रपति चुनाव कराने का औपचारिक प्रस्ताव रखा है. कुचमा ने कहा कि सिर्फ़ पिछले महीने हुए दूसरे दौर के मतदान को दोबारा कराना ठीक नहीं होगा. इस बीच यूक्रेन के राजनीतिक संकट को सुलझाने के लिए अंतरराष्ट्रीय प्रयास तेज़ हो गए हैं. |
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||