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अराफ़ात अब भी गंभीर, रामल्ला में तैयारी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
फ़लस्तीनी इलाक़ों में रहनेवाले एक वरिष्ठ मौलवी तायसिर दायूत तमीमी ने पेरिस में यासिर अराफ़ात को देखने के बाद कहा है कि वे अभी तक जीवित हैं मगर एक कठिन दौर से गुज़र रहे हैं. उन्होंने कहा कि पेरिस में उनके बिस्तर के पास उन्होंने अराफ़ात के आराम के लिए दुआएँ माँगीं. मौलवी तमीमी ने अस्पताल से जाने से पहले कहा कि धार्मिक आधार पर अराफ़ात के जीवन की रक्षा करनेवाली मशीनों को बंद नहीं किया जा सकता. यासिर अराफ़ात अभी भी गहरी अचेतावस्था में हैं और सोमवार को उनके दिमाग़ की नसें भी फट गईं. मंगलवार को फ़लस्तीनी प्रधानमंत्री अहमद क़ुरई की अगुआई में पेरिस जाकर अराफ़ात को देखनेवाले फ़लस्तीनी दल रामल्ला वापस लौट गया है. रामल्ला में फ़लस्तीनी नेता उस परिसर में बैठकें कर रहे हैं जहाँ अराफ़ात पिछले तीन वर्ष से रह रहे थे. रामल्ला में तैयारी इस बीच इसराइल ने यासिर अराफ़ात की मृत्यु होने पर उनको पश्चिमी तट के शहर रामल्ला में दफ़नाने की अनुमति दे दी है. रामल्ला में बुलडोज़रों से कुछ जगहों पर सफ़ाई की जा रही है जहाँ हो सकता है कि अराफ़ात को दफ़नाया जाए. फ़लस्तीनी प्रशासन ने भी घोषणा की है कि अगर अराफ़ात की मौत हो जाती है तो उन्हें रामल्ला में ही दफ़नाया जाएगा. फ़लस्तीनी प्रवक्ता साएब एरेकात ने कहा, "इसमें कोई संदेह नहीं है कि अगर यासिर अराफ़ात की मौत हो जाती है तो उन्हें रामल्ला में ही उनके मुख्यालय परिसर में दफ़नाया जाएगा." अराफ़ात को दफ़नाने के स्थान के बारे में अटकलें लगाई जा रही थीं क्योंकि उन्होंने इच्छा व्यक्त की थी कि उन्हें यरुशलम में दफ़नाया जाए लेकिन इसराइल सरकार ने ऐसी इजाज़त देने इनकार कर दिया था. उधर मिस्र ने कहा है कि वह राजधानी काहिरा में अराफ़ात की मौत की स्थिति में राजकीय सम्मान समारोह करवा सकता है ताकि वहाँ अंतरराष्ट्रीय नेता जुट सकें. |
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