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अराफ़ात के दिमाग़ की नसें फटीं | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पश्चिमी तट के शहर रामल्ला में वरिष्ठ फ़लस्तीनी नेता साएब एरेकात ने कहा है कि फ़लस्तीनी नेता यासिर अराफ़ात के दिमाग की नसें फट गई हैं. उन्होंने भरी आँखों से फ़लस्तीनी नेताओं से अपने नेता के लिए दुआ माँगने को कहा. उन्होंने ये भी कहा कि अगर कुछ बुरा होता है तो रामल्ला में अराफ़ात के परिसर में ही सारी व्यवस्था की जाएगी. इससे पहले पूर्व फ़लस्तीनी प्रधानमंत्री महमूद अब्बास ने पेरिस में यासिर अराफ़ात को देखने के बाद कहा है कि उनकी हालत अत्यंत गंभीर है. वहीं फ़लस्तीनी विदेश मंत्री नबील शाथ ने कहा है कि अभी जीवन रक्षक मशीनों को हटाने का फ़ैसला नहीं किया गया है. मगर उन्होंने कहा कि अब ये केवल अल्लाह जानता है कि अराफ़ात बच पाएँगे कि नहीं. उन्होंने कहा कि अराफ़ात का दिमाग़, दिल और फ़ेफड़े काम कर रहे हैं और उनके मरना या बचना उनके शरीर की क्षमता और अल्लाह की मर्ज़ी पर है. हालत चिंताजनक
मंगलवार को महमूद अब्बास और नबील शाथ फ़लस्तीनी प्रधानमंत्री अहमद क़ुरई और फ़लस्तीनी विधायिका के स्पीकर राव्ही फ़तह के साथ पेरिस के उस अस्पताल गए जहाँ अराफ़ात पिछले 11 दिन से भर्ती हैं. अराफ़ात को देखने के बाद फ़लस्तीनी प्रधानमंत्री अहमद क़ुरई बिना कुछ कहे अस्पताल से चले गए. फ़लस्तीनी नेताओं के पहुँचने से ठीक पहले डॉक्टरों ने कहा कि अराफ़ात की हालत और बिगड़ गई है और वे अचेतावस्था यानी कोमा में चले गए हैं. फ़लस्तीनी दल ने कहा कि अराफ़ात की स्थिति के बारे में उनकी पत्नी सुहा ने जानकारी रोककर रखी. सुहा अराफ़ात ने खुलेआम ये आरोप लगाया है कि फ़लस्तीनी नेता उनके पति को 'ज़िंदा दफ़नाने' की कोशिश कर रहे हैं. नाराज़गी
फ़लस्तीनी अधिकारियों का कहना है कि कार्यवाहक सरकार यासिर अराफ़ात के स्वास्थ्य के बारे में सही जानकारी नहीं मिलने से ख़ासे नाराज़ हैं. अधिकारियों का कहना है कि तमाम जानकारी अराफ़ात की पत्नी के ज़रिए आ रही है जिसे वे 'फ़िल्टर' कर रही हैं. अराफ़ात की पत्नी सुहा ने अरबी टेलीविज़न टेलीविज़न चैनल से फ़ोन पर कहा कि फ़लस्तीनी नेता अराफ़ात को "ज़िंदा दफ़नान देना चाहते हैं जबकि वह अभी ज़िंदा हैं." लेकिन सुहा के इस आरोप पर स्पीकर रावही फ़त्तूह ने कहा कि वह माफ़ी माँगें जबकि एक उपमंत्री सूफ़ियाँ अबू ज़ैदा ने कहा कि अराफ़ात अपनी पत्नी की "निजी जायदाद" नहीं है. इस बीच अमरीकी विदेश मंत्री कॉलिन पॉवेल ने कहा है कि फ़लस्तीनी नेतागण अपने नेता के अस्पाताल में बीमार रहने की स्थिति में अपने लोगों के भविष्य के बारे में जिस तरह से चर्चा कर रहे हैं, वह उससे "प्रभावित" हुए हैं. |
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