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दिमाग की नसें फटी है अराफात की | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
फ़लस्तीनी नेता यासिर अराफ़ात की हालत अत्यंत चिंताजनक बनी हुई है लेकिन फ़लस्तीनी अधिकारियों का कहना है कि अराफ़ात के जीवन रक्षक उपकरण नहीं हटाए जाएंगे. अराफ़ात का इलाज कर रहे डॉक्टरों का कहना है कि अराफ़ात की तबीयत बहुत अधिक गंभीर है लेकिन वो अभी जीवित हैं. फ़लस्तीन के वरिष्ठ नेता नबील साथ ने कहा " अराफ़ात का दिल, फेफड़े काम कर रहे हैं. वो जीवित हैं. उनकी मौत अल्लाह के हाथ है. हम उनके जीवन रक्षक उपकरण हटाने का फैसला नहीं कर सकते. " एक वरिष्ठ फ़लस्तीनी नेता ने वेस्ट बैंक में जानकारी दी कि अराफ़ात के दिमाग की नसें फटी गई हैं और उनकी हालत गंभीर है. अराफ़ात अभी भी अस्पताल में हैं और उनका इलाज किया जा रहा है लेकिन अब उनके बचने की उम्मीद काफी कम बताई जा रही है. फ़लस्तीनी नेताओं का एक दल यासिर अराफ़ात को देखने के सोमवार को पेरिस पहुँचा था और उन्होंने कहा है कि वह अपनी आँखों से यह देखने के लिए वहाँ पहुँचे हैं कि अराफ़ात की असल हालत क्या है. उनका मानना है कि अराफ़ात से मिलने की इजाज़त उनकी पत्नी सुहा ने सीमित कर रखी है. ग़ौरतलब है कि सुहा ने सार्वजनिक तौर पर यह आरोप लगाया है कि यासिर अराफ़ात के सहयोगियों ने ही उनके ख़िलाफ़ साज़िश रची है. अस्पताल के एक प्रवक्ता ने कहा है कि अराफ़ात की गंभीर हालत की वजह से ही उनसे मिलने का समय सीमित किया गया है. उन्हें अब भी सघन चिकित्सा में रखा गया है लेकिन अब भी उनकी हालत स्थिर बताई गई है. फ़लस्तीनी प्रधावनमंत्री अहमद क़ुरई, पूर्व प्रधानमंत्री महमूद अब्बास, विदेश मंत्री नबील शाद और फ़लस्तीनी विधान सभा के स्पीकर रावही फ़त्तूह सोमवार देर रात पेरिस पहुँचे थे. हालाँकि इन नेताओं ने श्रीमती अराफ़ात से मतभेदों की वजह से सोमवार को दिन में उन्हें पेरिस यात्रा को रद्द करने की मंशा भी बनाई थी.
उधर यासिर अराफ़ात की बीमारी की अभी आधिकारिक तौर पर कोई वजह नहीं बताई गई है. नाराज़गी फ़लस्तीनी अधिकारियों का कहना है कि कार्यवाहक सरकार यासिर अराफ़ात के स्वास्थ्य के बारे में सही जानकारी नहीं मिलने से ख़ासे नाराज़ हैं. अधिकारियों का कहना है कि तमाम जानकारी अराफ़ात की पत्नी के ज़रिए आ रही है जिसे वे 'फ़िल्टर' कर रही हैं. अराफ़ात की पत्नी सुहा ने अरबी टेलीविज़न टेलीविज़न चैनल से फ़ोन पर कहा कि फ़लस्तीनी नेता अराफ़ात को "ज़िंदा दफ़नान देना चाहते हैं जबकि वह अभी ज़िंदा हैं." लेकिन सुहा के इस आरोप पर स्पीकर रावही फ़त्तूह ने कहा कि वह माफ़ी माँगें जबकि एक उपमंत्री सूफ़ियाँ अबू ज़ैदा ने कहा कि अराफ़ात अपनी पत्नी की "निजी जायदाद" नहीं है. इस बीच अमरीकी विदेश मंत्री कॉलिन पॉवेल ने कहा है कि फ़लस्तीनी नेतागण अपने नेता के अस्पाताल में बीमार रहने की स्थिति में अपने लोगों के भविष्य के बारे में जिस तरह से चर्चा कर रहे हैं, वह उससे "प्रभावित" हुए हैं. |
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