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इराक़ में आपातकाल की घोषणा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ की अंतरिम सरकार ने देश में बढ़ती हिंसा की घटनाओं के मद्देनज़र दो महीने के लिए आपातकाल लगाने की घोषणा की है. इराक़ के सरकारी प्रवक्ता ताहेर नाक़िब ने बताया कि आपातकाल देश के उत्तरी हिस्से में स्थित कुर्द इलाकों के अलावा सारे देश में लागू रहेगा. उन्होंने कहा कि 'अपराधियों और चरमपंथियों' द्वारा देश भर में हो रही हत्याओं और देश की आधारभूत सुविधाओं को नष्ट किए जाने के कारण यह फ़ैसला किया गया है. नाक़िब ने कहा कि देश में जनवरी में होने वाले चुनावों में बाधा खड़ा करने के लिए ऐसा किया जा रहा है. इस बीच हिंसा की ताज़ा घटना में विद्रोहियों ने देश के पश्चिमी प्रांत अल अन्बार में एक पुलिस स्टेशन पर हमला करके 21 पुलिस अधिकारियों को गोली मार दी. इसके अलावा पड़ोसी शहर हक़लानिया में भी छह पुलिसवालों को गोली मार दी गई. जबकि राजधानी बग़दाद में तीन सरकारी अधिकारियों की हत्या कर दी गई. देश की अंतरिम सरकार में वित्त मंत्री अब्दुल अब्दुल महदी के घर के बाहर एक कार बम का भी धमाका हुआ. उस समय वित्त मंत्री अपने घर पर मौजूद नहीं थे लेकिन इस हमले में उनका एक गार्ड मारा गया. इससे पहले शनिवार को समारा में 30 से ज़्यादा लोग मारे गए. पिछले महीने ही अमरीकी और इराक़ी सेना ने इस शहर पर अपना नियंत्रण स्थापित कर लेने का दावा किया था. आपातकाल इराक़ की अंतरिम सरकार की घोषणा के बावजूद अभी यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि आपातकाल के तहत किस तरह की व्यवस्था होगी. इस बारे में इराक़ के अंतरिम प्रधानमंत्री ईयाद अलावी पूरा विवरण सोमवार को देंगे. हालाँकि बग़दाद स्थित बीबीसी संवाददाता एलेस्टर लीथहेड का कहना है कि आपातकाल के अंतर्गत कर्फ़्यू लगा रहेगा और पुलिस और सेना को अतिरिक्त अधिकार मिल जाएँगे.
माना जा रहा है कि सुन्नी बहुल फ़लूजा में अमरीका की बड़ी सैनिक कार्रवाई की संभावना को देखते हुए चरमपंथी हिंसा की घटनाओं में एकाएक तेज़ी आ गई है. अमरीकी और इराक़ी सैनिक फ़लूजा पर बड़ी सैनिक कार्रवाई की तैयारी कर रहे हैं. इस बीच ऐसी ख़बरें आ रहीं हैं कि 100 से ज़्यादा चरमपंथी ख़ुद इसके लिए सामने आए हैं कि वे फ़लूजा में सैनिक कार्रवाई के लिए आने वाले सैनिकों के काफ़िले पर आत्मघाती हमला करने के लिए तैयार हैं. लेकिन सैनिक कार्रवाई की तैयारी में जुटे अमरीकी सैनिक कमांडरों का कहना है कि वे ऐसे कार बम हमले के लिए तैयार हैं. फ़लूजा में विद्रोहियों के ठिकाने पर गोलीबारी के साथ-साथ हवाई हमले भी हो रहे हैं. अमरीकी मरीन सैनिकों के साथ फ़लूजा में मौजूद बीबीसी संवाददाता पॉल वुड का कहना है कि 1968 में वियतनामी शहर हिव पर क़ब्ज़े के लिए हुई सैनिक कार्रवाई के बाद यह सबसे बड़ी कार्रवाई होगी. |
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