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ज़रक़ावी ने की रिहा करने की अपील | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ में सक्रिय चरमपंथी अबू मुसाब अल ज़रकावी के नाम से जारी एक संदेश में अपील की गई है कि अपहृत राहतकर्मी मारग्रेट हसन को रिहा कर दिया जाए. मारग्रेट हसन के अपहर्ताओं ने धमकी दी थी कि अगर ब्रितानी सैनिक इराक़ से नहीं हटे तो उन्हें ज़रकावी के हवाले कर दिया जाएगा. कथित तौर पर ज़रकावी के इस बयान में कहा गया है कि अगर मारग्रेट हसन उनके पास आईं तो उन्हें रिहा कर दिया जाएगा. इस संदेश के नीचे लिखा है 'अल क़ायदा इराक़' और इसे एक इस्लामी वेबसाइट पर प्रकाशित किया गया है, इसी वेबसाइट पर अक्सर इस्लामी विद्रोहियों और चरमपंथियों के संदेश जारी होते हैं. इस संदेश में अपहर्ताओं से कहा गया है कि वे मारग्रेट हसन के ख़िलाफ़ इस बात के सबूत पेश करें कि "वे मुसलमानों के ख़िलाफ़ साज़िश में शामिल हैं" या फिर उन्हें तत्काल रिहा कर दें. इस संदेश में अपहर्ताओं के बारे में कहा गया है, "जो लोग इस बंधक को एक ताश के पत्ते की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं वे हमारे मजहब को नहीं समझते, सच्चे मुसलमान औरतों और बच्चों का कत्ल नहीं करते." इंटरनेट पर प्रकाशित इस विस्तृत संदेश में कहा गया है, "कई बार हमने अपने हमले रोक दिए क्योंकि मुसलमानों के मारे जाने का डर था, हम मुसलमानों का ख़ून बहने से रोकने के लिए पीछे हट गए." संगठन ज़रकावी के संगठन तौहीद उन जिहाद का कहना है कि उन्होंने इससे पहले कई पश्चिमी बंधकों की हत्याएँ की हैं, जिनमें अमरीकी व्यवासायी निक बर्ग और ब्रितानी ठेकेदार केन बिगली शामिल हैं. संगठन ने यह भी स्वीकार किया है कि उसका अनेक आत्मघाती हमलों, कर बम धमाकों और बम विस्फोटों में हाथ रहा है. आयरिश मूल की 59 वर्षीय सामाजिक कार्यकर्ता मारग्रेट हसन को 19 अक्तूबर को अज्ञात लोगों ने अपहृत कर लिया था, वे केयर नाम के स्वयंसेवी संगठन के प्रमुख के तौर पर बग़दाद से राहत कार्यों का संचालन कर रही थीं. इससे पहले मारग्रेट हसन के अपहर्ताओं ने एक वीडियो जारी किया था जिसमें उन्होंने इराक़ से ब्रितानी सेना की वापसी और महिला कैदियों की रिहाई की बात कही थी. |
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