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अमरीका ने ब्रिटेन की पीठ थपथपाई | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीका ने इराक़ में अपने नियंत्रण वाले इलाक़े में सैनिकों को तैनात करने के ब्रिटेन के फ़ैसले का स्वागत किया है. ब्रिटेन ने गुरुवार को ही इराक़ में अमरीकी नियंत्रण वाले क्षेत्र में और 850 ब्रितानी सैनिक तैनात किए जाने को अपनी मंज़ूरी दी है. ब्रिटेन का यह फ़ैसला अमरीकी सैनिकों को विद्रोहियों के क़ब्ज़े वाले इलाक़े में भेजने के मद्देनज़र है. जिनमें फ़लूजा भी शामिल है. बुश प्रशासन ने इस फ़ैसले पर ब्रिटेन की पीठ थपथपाते हुए कहा कि इससे इराक़ी लोगों और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए ब्रिटेन की प्रतिबद्धता साबित होती है. अमरीकी सरकार के प्रवक्ता इस बात पर ज़ोर दे रहे हैं कि यह फ़ैसला सैनिक कारणों से किया गया है न कि राजनीतिक कारणों से. तैनाती ब्रिटेन के रक्षा मंत्री जेफ़ हून ने संसद में इसकी जानकारी दी कि दूसरे इलाक़े में तैनात किए जा रहे सैनिक ब्रितानी कमान के अधीन ही रहेंगे.
ब्रिटेन के चीफ़ ऑफ़ डिफ़ेंस स्टॉफ़ माइकल वॉकर ने कहा कि शुरुआत में सैनिकों की तैनाती ज़्यादा से ज़्यादा 30 दिनों के लिए होगी. वॉशिंगटन स्थित बीबीसी संवाददाता जस्टिन वेब का कहना है कि ब्रिटेन की घोषणा इराक़ी मोर्चे पर अमरीका के लिए अच्छी ख़बर मानी जा सकती है. जस्टिन वेब के मुताबिक़ अमरीका इस मामले की राजनीतिक संवेदनशीलता समझते हुए ही इसके महत्व को लेकर कोई बड़ा दावा करने की कोशिश नहीं कर रहा है. अमरीका में राष्ट्रपति चुनाव क़रीब आ रहे हैं और इस स्थिति में इराक़ के मुद्दे पर किसी भी तरह की अतिरिक्त सहायता का काफ़ी महत्व है. लेकिन ब्रितानी फ़ैसले को बड़ी सफलता के रूप में प्रचारित नहीं किया जा रहा है. व्हाइट हाउस के प्रवक्ता स्कॉट मैक्लीलैन ने कहा कि अन्य 30 देशों की तरह ब्रिटेन भी इराक़ में बड़ा योगदान कर रहा है. घोषणा इससे पहले गुरुवार को ब्रिटेन के रक्षा मंत्री जेफ़ हून ने ब्रितानी संसद को गुरूवार को बताया कि सैन्य कारणों से एक बख़्तरबंद पैदल बटालियन और 200 सहायक सैनिकों को इराक़ भेजा जाएगा. हून ने कहा कि ये सैनिक ब्रितानी कमांडर के नियंत्रण में ही रहेंगे और यह तैनाती महीनों में नहीं बल्कि सिर्फ़ कुछ सप्ताह ही रहेगी.
यह पूछे जाने पर कि जब इराक़ में पहले से ही एक लाख तीस हज़ार से ज़्यादा अमरीकी सैनिक मौजूद हैं तो यह तैनाती क्यों ज़रूरी समझी जा रही है, हून ने कहा कि वहाँ जनवरी में होने वाले चुनावों के लिए जिस विशेष महारत की ज़रूरत है, वह ब्रितानी सैनिकों में है. हून ने ज़ोर देकर कहा कि ब्रितानी सैनिकों पर वही नियम लागू होंगे जिनके तहत वे इराक़ के दक्षिणी क्षेत्र में तैनात हैं. बीबीसी के राजनीतिक मामलों के संवाददाता का कहना है कि सरकार की इस घोषणा से इसके कुछ सांसद नाराज़ होंगे जो इसे अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश के लिए एक तोहफ़ा समझते हैं. हून ने इन ख़बरों का खंडन किया कि ब्रिटेन इराक़ में 1300 सैनिक भेजेगा. प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर के प्रवक्ता ने इस फ़ैसले के बारे में कहा कि इराक़ में और सैनिक भेजे जाने के मुद्दे पर सरकार में सर्वसम्मति है. |
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