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केरी ने इराक़ हमला भारी ग़लती बताया' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीका में डेमोक्रेटिक पार्टी की ओर से राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार जॉन केरी ने इराक़ में संघर्ष के बारे में अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश पर अब तक का सबसे ज़बरदस्त हमला किया है. इराक़ के भविष्य के बारे में अपनी योजनाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने बुश पर फ़ैसले में ग़लती का आरोप लगाया. अमरीका में चुनाव में अब लगभग डेढ़ महीने का समय रह गया है और अब लगता है कि केरी ने अपने प्रचार के केंद्र से अब आर्थिक मुद्दों को हटा दिया है. वॉशिंगटन में मौजूद बीबीसी संवाददाता जस्टिन वेब का कहना है कि शायद केरी की टीम ने अब रणनीति से जुड़े फ़ैसले के तहत इराक़ का मसला उठाया है. संवाददाताओं के अनुसार अब तक केरी ने इस बारे में बहुत ही स्पष्ट रुख़ नहीं अपनाया था कि सद्दाम हुसैन को सत्ता से हटाना सही फ़ैसला था या नहीं. मगर सोमवार को केरी ने कहा कि वह हमले का फ़ैसला नहीं लेते. वैसे हमले के लिए बुश को अधिकृत करने से जुड़े मतदान में उन्होंने भी हमले के समर्थन में ही मत दिया था. उन्होंने इराक़ के बारे में अपना चार सूत्री कार्यक्रम रखा-
उन्होंने राष्ट्रपति बुश के उस बयान की आलोचना की जिसमें बुश ने कहा था कि अगर वह ये जानते कि सद्दाम हुसैन के पास व्यापक विनाश की क्षमता वाले हथियार नहीं थे तब भी वह इराक़ पर हमला करते ही. उन्होंने कहा, "राष्ट्रपति बुश कहते हैं कि वह ये सब इसी तरह फिर करते. वह इस बारे में गंभीर हो सकते हैं?" उनका कहना था कि सद्दाम हुसैन एक तानाशाह थे मगर ये युद्ध की कोई वजह नहीं हो सकती. केरी ने कहा कि अब तो अमरीका और भी असुरक्षित हो गया है. उन्होंने लोगों को ये भी याद दिलाया कि इराक़ में युद्ध शुरू होने के बाद से लेकर अब तक लगभग 1000 से भी अधिक अमरीकी मारे जा चुके हैं. इधर बुश के चुनाव प्रचार का नियंत्रण करने वालों का कहना है कि केरी ने इराक़ मसले पर स्पष्ट रुख़ नहीं रखा है और युद्ध के बीच में अपने विचार बदलना ठीक नहीं है. |
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