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उत्तरी इराक़ में संघर्ष तेज़ हुआ | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
उत्तरी इराक़ में लगातार दूसरे दिन भी अमरीकी सैनिकों और विद्रोहियों के बीच ज़बरदस्त संघर्ष हुआ है. जबकि इराक़ी सेना का कहना है कि उसने दक्षिण में 500 संदिग्ध चरमपंथियों को गिरफ़्तार किया गया है. एक अपुष्ट रिपोर्ट के अनुसार दो इराक़ी उत्तरी शहर तालाफ़ार में संघर्ष के दौरान मारे गए जबकि शनिवार को वहाँ 11 लोगों की मौत हो गई थी. उधर लातिफ़िया में एक अभियान में 12 इराक़ी पुलिसकर्मियों के मारे जाने की ख़बर है. इससे पहले इराक़ के रक्षा मंत्रालय ने ख़बर दी थी कि पूर्व राष्ट्रपति सद्दाम हुसैन के शासन काल में नंबर दो पर रहे इज़्ज़त हुसैन अलदौरी को गिरफ़्तार कर लिया गया है. जबकि अमरीकी सेना का कहना है कि ये ख़बर सही नहीं है. अमरीका ने जिन शीर्ष 55 लोगों की सूची बनाई थी उनमें अलदौरी छठे स्थान पर हैं और उनसे पहले के पाँचों या तो पकड़े जा चुके हैं या मारे जा चुके हैं. यानी अब सर्वाधिक प्रमुखता से उन्हीं की तलाश हो रही है. गिरफ़्तारी उधर मूसल के नज़दीक तालाफ़ार में शनिवार से चल रही अमरीकी फ़ौजों की कार्रवाई जारी है. इराक़ी पुलिस के अनुसार लातिफ़िया में की गई कार्रवाई की विशेषता यह है कि इसमें गिरफ़्तार किए गए पाँच सौ संदिग्ध लोगों में एक भी विदेशी नहीं है. बीबीसी संवाददाता पॉल वुड का कहना है कि इससे पहले चरमपंथी गतिविधियों के लिए दूसरे देशों से आए अल क़ायदा के लड़ाकों को दोष दिया जा रहा था लेकिन इस गिरफ़्तारी से दूसरा पहलू भी ज़ाहिर होता है. लातिफ़िया में हुई कार्रवाई में टैंकरोधी रॉकेट लांचर, मोर्टार और टीएनटी विस्फोटक से भरे तीन सौ लीटर वाले पाँच ड्रम ज़ब्त किए गए हैं और इसमें 12 पुलिस वालों की जानें गई हैं. इससे यह भी ज़ाहिर होता है कि इन लड़ाकों के पास न हथियारों की कमी है न लड़ने वाले लोगों की. बीबीसी संवाददाता के अनुसार हालांकि इराक़ में अंतरिम सरकार की स्थापना हो चुकी है और अमरीकी नेतृत्व वाली फ़ौजों के हाथ में सत्ता नहीं है लेकिन अभी भी लड़ाके आज़ादी की लड़ाई लड़ने में लगे हुए हैं. |
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