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सशस्त्र विरोध उपाय नहीं:शिया मौलवी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ के चार बड़े शिया मौलवी ने कहा है कि देश में अमरीकी सेनाओं की मौजूदगी का विरोध जताने के लिए सशस्त्र प्रतिरोध कोई उपाय नहीं है. हालाँकि उनमें से एक शिया मौलवी शेख़ अली नजाफ़ी ने सुझाव दिया है कि अगर विदेशी सेनाएँ बहुत ज़्यादा वक़्त तक देश में रुकीं तो तब तक शांतिपूर्ण समाधान का समय निकल जाएगा. इन शिया मौलवियों ने वरिष्ठ शिया नेता आयतुल्ला अली अल सिस्तानी के घर पर शनिवार को बैठक की. ग़ौरतलब है कि सिस्तानी की मध्यस्थता के बाद ही अमरीकी सेनाओं और शिया नेता मुक़्तदा अल सद्र के समर्थकों के बीच शांति समझौता हो सका है. अमरीकी सेनाओं और सद्र के समर्थकों के बीच पिछले तीन सप्ताह से नजफ़ में लड़ाई चल रही थी और वहाँ पर पवित्र हज़रत अली का मज़ार भी इस लड़ाई की चपेट में आता नज़र आने लगा था. बीबीसी के बग़दाद संवाददाता का कहना है कि शिया मौलवियों ने जो कुछ भी कहा है उसका बहुत महत्व है और शिया मुसलमान बिना किसी ऐतराज के उसका पालन करेंगे. सरकारी दल इस बीच इराक़ी अंतरिम सरकार के मंत्रियों का एक दल शिया नेता आयतुल्ला अली अल सिस्तानी से मुलाक़ात के इरादे से बग़दाद से पहुँचा है. यह दल नजफ़ में हुए नुक़सान की भरपाई और उसके पुनर्निर्माण के लिए उपायों पर विचार करेगा.
ये मंत्री अमरीकी ब्लैक हॉक हेलिकॉप्टरों में सवार होकर नजफ़ पहुँचे और फिर वहाँ हज़रत अली के मज़ार पर गए. दल के नेता कासिम दाऊद ने कहा कि वह सिस्तानी को मुबारकबाद देने और शांति समझौते की मज़बूती के इरादे से नजफ़ आए हैं. संवाददाताओं का कहना है कि नजफ़ में शांति है लेकिन इसकी बहुत सी इमारतें गोलियों से छलनी नज़र आ रही हैं और सड़कों पर गोलाबारूद और दूसरी तरह का कचरा पड़ा हुआ है. ईरान इस बीच ईरान के राष्ट्रपति मोहम्मद ख़ातमी ने अमरीका को चेतावनी दी है कि उसे इराक़ और अफ़ग़ानिस्तान में ईरान की मदद की ज़रूरत है. उन्होंने तेहरान में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि अमरीका को पता है कि बिना ईरान की सहायता के वह इन दोनों देशों में कामयाब नहीं हो सकता. ग़ौरतलब है कि अमरीका और इराक़ की अंतरिम सरकार ईरान पर आरोप लगाते रहे हैं कि वह इराक़ के अंदरूनी मामलों में दखल देता रहा है. इस मुद्दे को लेकर ईरान और इराक़ में मतभेद भी रहे हैं और इन्हीं मतभेदों को दूर करने की कोशिशों के तहत इराक़ के उपप्रधानमंत्री ईरान का दौरा कर रहे हैं. |
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