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इसराइल दीवार की जगह बदलेगा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इसराइली रक्षा मंत्रालय का कहना है कि पश्चिमी तट में बनाई जा रही सुरक्षा दीवार अब कुछ हटकर बनाई जाएगी. नई जगह के बारे में आदेश तब दिया गया जब इसराइली सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मौजूदा योजनाएँ बदली जाएँ ताकि फ़लस्तीनी समुदाय को कम से कम रुकावटें झेलनी पड़ें. इन परिवर्तनों पर अभी प्रधानमंत्री अरियल शेरॉन की सहमति की मुहर लगनी है. संयुक्त राष्ट्र की विश्व अदालत ने इस दीवार को अवैध ठहराया है और कहा है कि जहाँ भी ये फ़लस्तीनी ज़मीन में बनी है उसे तोड़ दिया जाना चाहिए. इसराइल कह चुका है कि वह अंतरराष्ट्रीय न्यायालय के आदेश का पालन नहीं करेगा. उसका कहना है कि ये दीवार फ़लस्तीनी चरमपंथियों को रोकने के लिए काफ़ी अहम है. फ़लस्तीनी प्रशासन का कहना है कि इस दीवार का असली मक़सद फ़लस्तीनी ज़मीन हथियाना है. इस दीवार का एक चौथाई हिस्सा तो बन भी चुका है. इसराइली रक्षा मंत्रालय का कहना है कि जब तक प्रधानमंत्री शेरॉन इस नए रास्ते को लेकर सहमति नहीं दे देते तब तक कोई नया नक़्शा प्रकाशित नहीं किया जाएगा. |
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