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'सुरक्षा दीवार का काम जारी रहेगा' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इसराइली प्रधानमंत्री अरियल शेरॉन ने आदेश दिया है कि पश्चिमी तट पर बनाई जा रही 'सुरक्षा दीवार' का काम जारी रखा जाए. ये आदेश अंतरराष्ट्रीय अदालत के उस फ़ैसले के बावजूद दिया गया है जिसमें इस दीवार के निर्माण को अवैध करार दिया गया था. शेरॉन ने कहा, "हर वैधानिक और कूटनीतिक तरीक़े से संघर्ष जारी रहेगा." उन्होंने अदालत के आदेश को एकतरफ़ा बताया और कहा कि दीवार के निर्माण को अवैध करार देने का फ़ैसला फ़लस्तीनी चरमपंथियों के विरुद्ध इसराइल के संघर्ष के मुँह पर तमाचे की तरह है. शेरॉन के ये तीख़े तेवर इसलिए सामने आए क्योंकि रविवार दिन में इसराइल के तेल अवीव शहर में हुए एक विस्फोट में एक महिला की मौत हो गई और 20 से अधिक लोग घायल हो गए थे. विस्फोट एक बस अड्डे के निकट सुबह ऐसे समय हुआ जब वहाँ काफ़ी भीड़-भाड़ थी. यासिर अराफ़ात के फ़तह आंदोलन से जुड़े चरमपंथी गुट अल अक़्सा मार्टियर्स ब्रिगेड ने हमला करने का दावा किया था. नाराज़ इसराइली प्रधानमंत्री अरियल शेरॉन ने हमले की निंदा करते हुए कहा कि इसका संबंध शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय न्यायालय के दिए गए निर्णय से है. फ़ैसला ठुकराया इसराइली प्रधानमंत्री ने कहा कि अदालत के निर्णय से एक नकारात्मक संदेश गया जिससे आतंक को बढ़ावा मिलेगा. शेरॉन ने कहा, "मैं ये बिल्कुल स्पष्ट कर देना चाहता हूँ कि इसराइल अदालत के इस फ़ैसले को पूरी तरह नकार रहा है. ये एकतरफ़ा और राजनीतिक रूप से प्रभावित फ़ैसला है." इसराइली सुरक्षा अधिकारियों ने कहा है कि रविवार को तेल अवीव में हुआ विस्फोट आत्मघाती हमला नहीं था. उनके अनुसार विस्फोटक झाड़ी में छिपाकर रखा था. पिछले वर्ष इसी इलाक़े में दो बम धमाके हुए थे जिनमें 23 लोग मारे गए थे. पिछले चार महीनों में इसराइल में हुआ ये इस तरह का पहला हमला है. हमले की ज़िम्मेदारी स्वीकार करनेवाले अल अक़्सा मार्टियर्स ब्रिगेड ने कहा है कि सुरक्षा दीवार बनाने के बावजूद इसराइल में कोई जगह सुरक्षित नहीं है. |
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